नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम्, कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और आरपी सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वंदे मातरम् के सम्मान, राहुल गांधी की स्वतंत्रता दिवस समारोह में गैरहाजिरी और विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया से कांग्रेस की सोच स्पष्ट होती है। भंडारी ने कहा कि सोनिया गांधी ने राहुल गांधी की ओर देखा और दोनों ने वंदे मातरम् को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’ नहीं, बल्कि ‘दिमागी नक्सल कांग्रेस’ बन चुकी है। कांग्रेस के भीतर ‘अर्बन नक्सली मानसिकता’ हावी हो गई है।
प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने को भी वंदे मातरम् से जोड़ते हुए दावा किया कि इसके पीछे कांग्रेस की वंदे मातरम् के प्रति कथित नाराजगी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का समारोह में शामिल नहीं होना इस बात को स्पष्ट करता है कि कांग्रेस वंदे मातरम् को लेकर किस तरह की सोच रखती है।
इसी मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी राहुल गांधी की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार राष्ट्रीय कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहते हैं। 15 अगस्त हो या 26 जनवरी, राहुल गांधी की ओर से किसी न किसी कारण का हवाला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में सीट कहां मिली या कहां नहीं मिली, यह मुद्दा नहीं होना चाहिए। ऐसे आयोजनों में देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय भागीदारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस हर मुद्दे में राजनीति करती है और इसी कारण कार्यक्रमों से दूरी बनाती है।
आरपी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को ‘कंपोजिट भाषण’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण में महिलाओं, युवाओं और देश को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया। महिला आरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर चर्चा की कि महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है। उन्होंने महिला पायलटों की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी बात की। इंटरनेट और वेब आधारित ऑनलाइन क्लास के माध्यम से छात्र घर बैठे अपनी तैयारी कर सकेंगे। प्रधानमंत्री के भाषण का मुख्य फोकस महिलाओं, युवाओं और देश को आत्मनिर्भर बनाने पर रहा।
अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है और सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज उठाई है। आरपी सिंह ने इस मुद्दे पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं और कई सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि 55 हजार शिक्षकों में से करीब 18 हजार की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है और पंजाब के करीब 70 प्रतिशत स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को ठीक किया जाए, उसके बाद देश की शिक्षा व्यवस्था पर बात की जाए। ये आंकड़े आरपी सिंह के बयान के अनुसार हैं।
झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में जाने से रोके जाने के आरोपों पर भी आरपी सिंह ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक छात्र नेता तिरंगा यात्रा में शामिल होने और झंडा फहराने जा रहा था तो उसे रोकने की जरूरत क्यों पड़ी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन के समय सोनिया गांधी के कथित तौर पर बातचीत करते हुए दिखाई देने के सवाल पर आरपी सिंह ने कहा कि उन्हें केवल बातचीत करते हुए नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके चेहरे पर कथित नाराजगी दिखाई दे रही थी। सिंह ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी को इस बात पर खीज थी कि पूरा वंदे मातरम् क्यों गाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कथित वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् का अपमान किया है और उसे देश से माफी मांगनी चाहिए।
–आईएएनएस
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