August 29, 2026
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जमशेदपुर

शिक्षा को प्राथमिकता तभी मिलेगी, जब भूख मिटे: अरबिंद तिवारी

शिक्षा को प्राथमिकता तभी मिलेगी, जब भूख मिटे: अरबिंद तिवारी

आर्का जैन यूनिवर्सिटी में टांगराईन स्कूल के प्रधानाध्यापक हुए सम्मानित, कहा- सरकारी शिक्षकों की चुनौतियाँ निजी स्कूलों के शिक्षकों से बिल्कुल अलग होती हैं

जमशेदपुर: आर्का जैन यूनिवर्सिटी में आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय टांगराईन के प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि भूख खत्म होगी तभी शिक्षा प्राथमिकता बनेगी।

अरविंद तिवारी ने कहा कि अच्छे शिक्षक को एक समाजसेवी के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि वे बच्चे से होमवर्क के बारे में पूछने की बजाय यह पूछते हैं कि उसने नाश्ता किया है या नहीं।

मौलाना अबुल कलाम के जन्मदिन पर हर वर्ष 11 नवंबर को आयोजित होनेवाले राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर आर्का जैन यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Arbind Tiwary being honoured at Arka Jain University (1)
अरबिंद तिवारी को सम्मानित करते हुए आर्का जैन यूनिवर्सिटी के डीन प्रोफेसर प्रवीण कुमार ठाकुर

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्क्रमित मध्य विद्यालय टांगराईन के प्रधानाध्यापक अरविन्द तिवारी उपस्थित थे। मुख्य वक्ता की भूमिका सामाजिक संस्था युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने निभायी।

कार्यक्रम में आर्का जैन यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ एस रजी एवं डीन डॉ. प्रवीण कुमार ठाकुर भी उपस्थित थे।

अरविंद तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा को विकास का महत्वपूर्ण हथियार बताया।

arka jain university NATIONAL  educaqtion day programme
आर्का जैन यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर कार्यक्रम में विद्यार्थीगण।

उन्होंने बताया कि भूख खत्म होगी तभी शिक्षा प्राथमिकता बनेगी। सरकारी शिक्षकों की चुनौतियां अलग होती है।

निजी स्कूलों से उनकी तुलना नहीं की जा सकती।

अरविंद तिवारी ने कहा कि अच्छे शिक्षक को एक समाजसेवी के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि वे बच्चे से होमवर्क के बारे में पूछने की बजाय यह पूछते हैं कि उसने नाश्ता किया है या नहीं।

युवा की सचिव बर्णाली चक्रवर्ती को सम्मानित करते हुए आर्का जैन यूनिवर्सिटी के डीन प्रोफेसर ठाकुर।

उन्होंने बताया कि हमारे चरित्र का गठन आसपास के परिवेश एवं साथियों पर निर्भर करता है।

अच्छी किताबों को भी पढ़ कर अपना चरित्र विकसित कर सकते हैं।

समाजसेवी वर्णाली चक्रवर्ती ने बताया कि हम समाज से जितना लेते हैं उससे अधिक हमें समाज को लौटाना चाहिए।

टांगराइन उत्क्रमित विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरबिंद तिवारी आर्का जैन यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर एक सभा को संबोधित करते हुए।
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