जमशेदपुर/गुमला: विहंगम योग संत समाज के 103वें स्थापना महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समाज की स्थापना महर्षि सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज ने वर्ष 1924 में की थी। स्थापना के बाद से हर वर्ष स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है।
इस वर्ष 103वां स्थापना महोत्सव 14 और 15 दिसंबर को वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर परिसर में ‘समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा। महोत्सव के दौरान 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का भी आयोजन प्रस्तावित है।
समारोह के संदेश को देशभर में पहुंचाने और स्वर्वेद के आध्यात्मिक विचारों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सद्गुरु के उत्तराधिकारी संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज अखिल भारतीय यात्रा पर निकले हैं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलने वाली यह यात्रा जुलाई में शुरू हुई है और अक्टूबर तक विभिन्न राज्यों से होकर गुजरेगी।
4 सितंबर को गुमला में होगा आध्यात्मिक कार्यक्रम
यात्रा के क्रम में संत प्रवर का काफिला 2 सितंबर को गढ़वा पहुंचा। इसके बाद डाल्टनगंज और लातेहार होते हुए वे 4 सितंबर को गुमला पहुंचेंगे। गुमला के नरभेराम हंसराज स्कूल ऑडिटोरियम में शाम 6 बजे से विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ‘समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव’ के उद्देश्यों और विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। साथ ही अपनी आध्यात्मिक वाणी से श्रद्धालुओं और अध्यात्म प्रेमियों को संबोधित करेंगे।
गुमला के बाद संत प्रवर की यात्रा रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग समेत झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगी। झारखंड में उनका प्रवास 13 सितंबर तक प्रस्तावित है।
कोल्हान में भी कार्यक्रम की तैयारियां
जमशेदपुर के नरभेराम स्कूल ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम की जिम्मेदारी कोल्हान के तीनों जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां—के विहंगम योग परिवार के कार्यकर्ताओं ने संभाली है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कार्यक्रम प्रभारी एवं सरायकेला-खरसावां के संयोजक शंभू पंडित, पूर्वी सिंहभूम के संयोजक विजेंद्र उपाध्याय, युवा विहंगम योग समाज कोल्हान के प्रभारी रवि सिंह, नीरज मिश्रा, महावीर कुमार, राम विनोद गुप्ता समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।