जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुए चर्चित हमले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। मामले में नामजद आरोपी व्यवसायी एवं भाजपा नेता नीरज सिंह को झारखंड पुलिस मंगलवार को राजस्थान से जमशेदपुर लेकर पहुंची। फिलहाल उन्हें एमजीएम थाना में रखकर पुलिस की विशेष टीम द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीरज सिंह को राजस्थान के खाटू श्याम थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें सीकर की अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच दल को चार दिन का ट्रांजिट रिमांड मिला।
पुलिस पहले उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली लाई और वहां से मंगलवार तड़के विमान के जरिए रांची पहुंचाया। रांची से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से जमशेदपुर लाकर एमजीएम थाना में पूछताछ शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस की नजर नीरज सिंह और कुख्यात अपराधी राहुल दुबे के बीच संपर्क पर भी टिकी हुई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन नीरज सिंह और राहुल दुबे के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर इस बातचीत को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पूछताछ में नीरज सिंह ने पुलिस को बताया कि राहुल दुबे डीडी बार का नियमित ग्राहक था और अक्सर शराब पर छूट या बार में गाने बजाने जैसी बातों को लेकर फोन करता था।
उनका दावा है कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच संगीत से जुड़ी सामान्य बातचीत हुई थी और उसका किसी आपराधिक साजिश से कोई संबंध नहीं था।
हालांकि पुलिस इस सफाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल दुबे घटना के समय मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल उर्फ ‘बोदरा’ के भी संपर्क में था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राहुल दुबे के माध्यम से नीरज सिंह और मुख्य आरोपी के बीच कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
पुलिस के अनुसार, कदमा निवासी राहुल दुबे का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले हत्या के एक मामले में जेल भी जा चुका है। मुख्य आरोपी से उसके कथित संपर्क को जांच का अहम सुराग माना जा रहा है।
इसी कड़ी में नीरज सिंह से उसके संबंधों और बातचीत की प्रकृति की विस्तार से जांच की जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ का मुख्य उद्देश्य घटना की पूरी समय-श्रृंखला को समझना, नीरज सिंह के बयान का सत्यापन करना और यह पता लगाना है कि उन्हें हमले की पूर्व जानकारी थी या किसी स्तर पर उनकी कोई भूमिका रही है।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने नीरज सिंह की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।