September 1, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
जमशेदपुर

जमशेदपुर में पहली बार TMH में Inhaled Nitric Oxide (iNO) थेरेपी शुरू, PPHN से पीड़ित नवजातों को मिलेगा जीवनरक्षक इलाज

जमशेदपुर में पहली बार TMH में Inhaled Nitric Oxide (iNO) थेरेपी शुरू, PPHN से पीड़ित नवजातों को मिलेगा जीवनरक्षक इलाज

जमशेदपुर : अब जमशेदपुर ही नहीं कोल्हान और झारखंड सीमा से सटे पश्चिम बंगाल और ओडिशा के नवजात शिशुओं को श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ने नवजात शिशुओं की गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (iNO) थेरेपी की शुरुआत की है। यह सुविधा जमशेदपुर में पहली बार उपलब्ध हुई है, जिससे अब गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को महानगरों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।

इस नई सुविधा का शुभारंभ अस्पताल की जीएम (मेडिकल सर्विसेज) डॉ. विनीता सिंह ने किया। इसके साथ ही टीएमएच की नियोनेटल इंटेंसिव केयर (NICU) सेवाएं और अधिक सक्षम एवं आधुनिक हो गई हैं।

टीएमएच की 35 बेड वाली नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) पहले से ही पूर्वी भारत में नवजात शिशुओं की विशेष चिकित्सा देखभाल के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। अब iNO थेरेपी उपलब्ध होने से अस्पताल गंभीर और उच्च जोखिम वाली नवजात स्वास्थ्य स्थितियों का स्थानीय स्तर पर प्रभावी उपचार कर सकेगा।

यह थेरेपी मुख्य रूप से पर्सिस्टेंट पल्मोनरी हाइपरटेंशन ऑफ द न्यूबॉर्न (PPHN) से पीड़ित शिशुओं के इलाज में उपयोग की जाती है। यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति होती है, जिसमें जन्म के बाद शिशु के फेफड़ों की रक्त वाहिकाएं सामान्य रूप से शिथिल नहीं हो पातीं।

परिणामस्वरूप शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और हृदय सहित अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

सामान्य परिस्थितियों में जन्म के बाद शिशु की पहली सांस के साथ फेफड़े पूरी तरह फैल जाते हैं और उनकी रक्त वाहिकाएं शिथिल होकर पूरे शरीर में ऑक्सीजन का सामान्य प्रवाह सुनिश्चित करती हैं। लेकिन PPHN से प्रभावित नवजातों में यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है।

ऐसे में इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (iNO) थेरेपी फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद करती है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और शिशु के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस नई सुविधा से हर वर्ष लगभग 40 से 45 गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। समय पर उपचार उपलब्ध होने से इन शिशुओं के जीवन बचाने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की संभावनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

टीएमएच अब जमशेदपुर का पहला और झारखंड का दूसरा अस्पताल बन गया है, जहां यह अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध है। इससे पहले ऐसे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, कोलकाता या अन्य महानगरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था।

इस प्रक्रिया में न केवल उपचार में देरी होती थी, बल्कि मरीजों के परिजनों पर आर्थिक और मानसिक बोझ भी बढ़ जाता था।

अब जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के परिवारों को अपने नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगा। इससे मेडिकल इमरजेंसी के दौरान रेफरल की आवश्यकता कम होगी और गंभीर स्थिति में समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

टीएमएच का मानना है कि यह पहल मरीज-केंद्रित, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। अस्पताल का उद्देश्य झारखंड में नवजात शिशुओं के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करना है।

  • टाउन पोस्ट एक स्वतंत्र और विश्वसनीय समाचार पोर्टल है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

हमें फॉलो करें

ताज़ा खबरों और अपडेट के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading