जमशेदपुर: करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर पूरे कोल्हान के लोगों में आक्रोश है। इस घटना को लेकर सामाजिक संगठनों, राजनीतिक नेताओं और व्यापारिक संस्थाओं ने राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। इससे पहले जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय बुधवार को बैठक करने की बात कही है। इसी तरह विधायक पूर्णिमा साहू ने भी प्रशासन की खिंचाई की है।
विहिप ने सीनियर एसएसपी पर कार्रवाई या तबादले की मांग की, आंदोलन की दी चेतावनी
बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता ने हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर झारखंड सरकार से जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने अथवा उनका तबादला करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में मौजूद दो युवकों पर धारदार हथियारों से हमला होना और हिमांशु सिंह की मौत होना पुलिस व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस अपराधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में असफल क्यों साबित हो रही है।
विहिप का आरोप है कि शहर में चापड़बाजी, नशाखोरी, अवैध हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल, रंगदारी और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। संगठन ने कहा कि एक ओर हेलमेट जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
अजय गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई थानों में शिकायत दर्ज कराने आने वाले लोगों से अवैध पैसे की मांग की जाती है, जिससे आम नागरिक पुलिस के पास जाने से भी डरने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि विहिप की टीम आदित्यपुर जाकर दिवंगत हिमांशु सिंह के परिजनों से मिली और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो विहिप जमशेदपुर बंद और जनआंदोलन का आह्वान करेगा।
प्रेस वार्ता में चंद्रिका भगत, सबिता सिंह, जीतेंद्र प्रमाणिक, प्रदीप सिंह, विवेक सिंह, ज्योत्सना सरकार, दिलीप श्रीवास्तव सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
सरायकेला स्थित पीड़ित परिवार के आवास पर मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा पहुंचे और हिमांशु सिंह के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने घटना को बेहद नृशंस बताते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले भी कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि परिवार से मिल चुके हैं।
इधर करणी सेना ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया है। संगठन ने बुधवार को खरकाई पुल जाम करने की भी घोषणा की है।
गौरतलब है कि बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए चाकूबाजी कांड में घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस ने 11 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने डबल डाउन बार को भी सील कर दिया है।
सिंहभूम चैंबर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) ने जमशेदपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजा है।
चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि पिछले कई महीनों से शहर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, जिससे व्यापारी, उद्यमी और आम नागरिक असुरक्षा के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि रंगदारी, चोरी, छिनतई, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमले और महिलाओं से चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में डबल डाउन बार के सामने पुलिस अभिरक्षा में बैठे युवकों पर हुए हमले और हिमांशु सिंह की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
चैंबर का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका नकारात्मक असर व्यापार, उद्योग और निवेश के माहौल पर पड़ेगा। जमशेदपुर राज्य की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, इसलिए यहां सुरक्षित वातावरण बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पत्र में मुख्यमंत्री से पुलिस गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, संगठित अपराध और रंगदारी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा हाल की सभी गंभीर घटनाओं में दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। चैंबर ने आम नागरिकों और व्यापारियों का सुरक्षा पर भरोसा बहाल करने के लिए भी ठोस कदम उठाने की अपील की है।