September 1, 2026
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जमशेदपुर

डेंगू बुखार को पहचानें, इससे पहले कि वह आपको अपनी चपेट में ले

डेंगू बुखार को पहचानें, इससे पहले कि वह आपको अपनी चपेट में ले

हर परिवार के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका — बीमारी की पहचान, घर पर देखभाल और कब अस्पताल जाना ज़रूरी है

सामान्य जानकारी

डेंगू बुखार दुनिया में सबसे अधिक फैलने वाली मच्छरजनित वायरल बीमारियों में से एक है, जो हर वर्ष उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। यह बीमारी डेंगू वायरस के कारण होती है, जो केवल एडीज़ एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलती। यह मच्छर घरों के आसपास जमा साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है, जैसे फूलदान, खुले पानी के टैंक, कूलर तथा फेंके गए डिब्बों और बर्तनों में।

डेंगू वायरस के चार प्रकार (DENV 1–4) पाए जाते हैं। किसी एक प्रकार के वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति को केवल उसी प्रकार के प्रति आजीवन प्रतिरोधक क्षमता मिलती है। हालांकि, यदि बाद में किसी दूसरे प्रकार के डेंगू वायरस से संक्रमण होता है, तो गंभीर डेंगू होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद आवश्यक है।

लक्षण एवं संकेत

डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 4 से 10 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं और अक्सर 2 से 7 दिनों तक बने रहते हैं। इसका सबसे सामान्य लक्षण अचानक तेज बुखार (104°F / 40°C) होता है। शरीर में अत्यधिक मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द के कारण इसे अक्सर “हड्डी तोड़ बुखार” भी कहा जाता है। इसके अलावा निम्नलिखित लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:

* आँखों के पीछे तेज दर्द के साथ गंभीर सिरदर्द महसूस होना

* बुखार शुरू होने के 2–5 दिन बाद त्वचा पर चकत्ते या लाल दाने

* मतली, उल्टी और भूख कम लगना

* लसीका ग्रंथियों (लिम्फ ग्लैंड्स) में सूजन और अत्यधिक कमजोरी

* रक्त जांच में सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या कम होना

चेतावनी के संकेत — तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें

Ø पेट में तेज दर्द या लगातार उल्टी होना (एक घंटे में 3 बार से अधिक)

Ø नाक, मसूड़ों से खून आना या उल्टी / मल में खून आना (काला, तारकोल जैसा मल)

Ø तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई

Ø बुखार अचानक कम होना और त्वचा का ठंडा व चिपचिपा हो जाना — आघात का संकेत

Ø बेचैनी, भ्रम की स्थिति या अत्यधिक नींद आना / बेहोशी

Ø पेशाब में खून आना या 6 घंटे से अधिक समय तक पेशाब न होना

Ø प्लेटलेट काउंट 20,000 से कम होना या लगातार रक्त जांच में तेजी से गिरना

घरेलू देखभाल

डेंगू के साधारण मामलों में घर पर देखभाल सुरक्षित और प्रभावी होती है। रोगी को पूरा आराम करने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिलाएं — ओआरएस, नारियल पानी, फलों का रस और सादा पानी, बुखार व पसीने से हुई पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

बुखार और दर्द नियंत्रित करने के लिए केवल पैरासिटामोल का ही उपयोग करें।

एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन या अन्य NSAIDs दवाएं कभी न दें — ये खून को पतला करती हैं और रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।

घरेलू देखभाल के अतिरिक्त उपाय:

• तेज बुखार कम करने के लिए गुनगुने पानी से शरीर को पोंछें

• दिन में दो बार तापमान, तरल पदार्थ सेवन और पेशाब की मात्रा पर नजर रखें

• रोगी को मच्छरदानी के अंदर सुलाएं ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके

• यदि रक्त जांच करा रहें हो, तो प्लेटलेट काउंट का दैनिक रिकॉर्ड रखें

अस्पताल में कब भर्ती कराएं

यदि डेंगू के कोई भी चेतावनी संकेत दिखाई दें या लगातार उल्टी के कारण रोगी तरल पदार्थ न ले पा रहा हो, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। निम्न परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती कराना बेहद आवश्यक है:

• रक्त जांच में प्लेटलेट काउंट 50,000 से कम हो या हेमाटोक्रिट लगातार बढ़ रहा हो — यह शरीर में प्लाज्मा लीकेज का संकेत हो सकता है

• लिवर में दर्द, सूजन, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम की स्थिति या बेहोशी जैसे अंग प्रभावित होने के लक्षण दिखाई दें

• रोगी गर्भवती महिला, शिशु, बुजुर्ग हो या पहले से मधुमेह, हृदय रोग अथवा अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हो

इन उच्च जोखिम वाले मरीजों में स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है, इसलिए ऐसे मरीजों को अस्पताल में जल्दी भर्ती कराने की आवश्यकता होती है। किसी भी प्रकार की आशंका होने पर घर पर प्रतीक्षा करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

घर पर बचाव के उपाय

✓मच्छरों को दूर रखने के आसान उपाय

✓ पानी जमा करने वाले सभी बर्तनों को हर सप्ताह खाली कर अच्छी तरह साफ करें

✓ ओवरहेड पानी की टंकियों को हमेशा अच्छी तरह ढककर रखें

✓ विशेषकर शिशुओं और बुजुर्गों के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें

✓ दिन के समय पूरी बांह के कपड़े पहनें, क्योंकि एडीज मच्छर इसी समय अधिक सक्रिय रहते हैं

✓ शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं

✓ दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगवाएं

✓ आसपास जमा पानी या मच्छरों के प्रजनन स्थलों की सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दें

यह आलेख केवल जनस्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की जांच, निदान और उपचार के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

डॉ. कुनाल प्रियदर्शी (कंसल्टेंट)

मेडिसिन, टीएमएच जमशेदपुर

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