जमशेदपुर : जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम में ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई भारी बारिश का असर दिखने लगा है। डैमों से पानी छोड़े जाने के बाद खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
हालांकि खतरे के निशान से नीचे है। आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 128.05 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 129 मीटर से महज 95 सेंटीमीटर नीचे है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दोनों नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
खतरे के निशान के करीब पहुंची खरकई नदी
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर बढ़कर 128.05 मीटर पहुंच गया है। यहां नदी का खतरे का निशान 129 मीटर निर्धारित है। इस तरह खरकई नदी खतरे के निशान से अब केवल 95 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने निचले और नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ा
खरकई के साथ स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वर्णरेखा का जलस्तर बढ़कर 118.80 मीटर पहुंच गया है, जबकि इस नदी के लिए खतरे का निशान 121.50 मीटर है।
हालांकि स्वर्णरेखा अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन ओडिशा और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी बारिश के कारण जलस्तर में आगे भी बदलाव की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है।
मयूरभंज में भारी बारिश के बाद खोले गए डैम के गेट
अधिकारियों के अनुसार, जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने की प्रमुख वजह ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई भारी बारिश है। जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ने के बाद बैंकवेल और खरकई डैम के दो-दो स्पिलवे गेट 0.30 मीटर तक खोले गए।
डैमों से छोड़े गए पानी की मात्रा में भी बढ़ोतरी हुई है। जानकारी के अनुसार, खरकई डैम से 57.642 क्यूमेक और ब्यांगबिल डैम से 46.562 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। दोनों डैमों से कुल 104.204 क्यूमेक पानी नदी में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
80 किलोमीटर की दूरी तय कर जमशेदपुर पहुंचा पानी
डैमों से छोड़ा गया पानी करीब 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद शनिवार सुबह जमशेदपुर क्षेत्र तक पहुंचा। इसके बाद खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रशासन की ओर से लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि या किसी अप्रत्याशित स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।