जमशेदपुर : जिला प्रशासन के आदेश के बाद भी शहर के कुछ वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की धज्जियां तो उड़ा ही रहे हैं, वायु प्रदूषण भी फैला रहे हैं। लंबे समय के बाद शहर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना पुलिस ने मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान अब तक आठ वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, कई दोपहिया वाहनों में कंपनी के निर्धारित मानकों के विपरीत साइलेंसर लगाकर तेज और कर्कश आवाज पैदा की जा रही है।
इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले आम लोगों को भी परेशानी होती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों पर तेज आवाज का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
पुलिस टीम शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों की जांच कर रही है। जांच के दौरान मोडिफाइड साइलेंसर पाए जाने पर संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहनों में केवल कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ शहर में अनावश्यक तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि पुलिस प्रशासन का खौफ ऐसे वाहन चालकों में नहीं है। यही स्थिति WRONG SIDE से चलने वालों की भी है। कभी-कभी मामूली दुर्घटनाएं भी हो रही है।