September 8, 2026
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सीपीआई महासचिव डी. राजा ने दिल्ली हादसे पर जताया शोक, बोले- राजधानी में सतर्क बचाव तंत्र हो

सीपीआई महासचिव डी. राजा ने दिल्ली हादसे पर जताया शोक, बोले- राजधानी में सतर्क बचाव तंत्र हो

दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने दिल्ली के सत्य निकेतन भवन हादसे पर शोक जताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होम्योपैथी वाली टिप्पणी और सहारनपुर मस्जिद विवाद सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

दिल्ली में इमारत गिरने की घटना पर डी. राजा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस हादसे से स्तब्ध है। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली में पहली ऐसी घटना नहीं है और संभव है कि आखिरी भी न हो। इस तरह की घटनाएं कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं और प्रशासन को भवनों की मजबूती, उनकी आयु और सुरक्षा मानकों का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए, अन्यथा भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे से कितना नुकसान हुआ है, वहां रहने वाले छात्रों की स्थिति क्या है, और कितनी जनहानि हुई है। डी. राजा ने यह भी सवाल उठाया कि राजधानी दिल्ली में राहत और बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली में अत्याधुनिक और सतर्क बचाव तंत्र होना चाहिए। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।”

डी. राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की शिक्षा व्यवस्था, बजटीय प्रावधान, शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बोलना चाहिए था। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर हमला करने और आलोचकों को निशाना बनाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि आज केवल युवा ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्ग सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं और अपनी असहमति जता रहे हैं। प्रधानमंत्री देश के प्रमुख नेता हैं और उन्हें अधिक जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपने विचार रखने चाहिए।

वहीं, सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने के मुद्दे पर डी. राजा ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। उनके अनुसार संबंधित मस्जिद काफी पुरानी थी और उसके समर्थन में वैध दस्तावेज मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सप्ताहांत के दौरान कार्रवाई की, जिससे प्रभावित पक्षों को कानूनी राहत लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। विरोध करने वाले कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया।

डी. राजा ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है और धार्मिक स्थलों से संबंधित कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाइयां जारी रहती हैं तो कानून के शासन और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत निकाहनामा से जुड़े प्रावधान पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस विषय का अध्ययन कर रही है और उचित समय पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के विश्व मानचित्र प्रस्ताव को लेकर डी. राजा ने कहा कि भारत सरकार को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर पूरे देश और सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हैं और उन्हें भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे मामला विश्व मानचित्र का हो या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय विषय का, भारत के हितों और उसकी संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

–आईएएनएस

केके/डीकेपी

  • IANS is a prominent private Indian news agency. It provides news services to media organizations.

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