चक्रधरपुर। राउरकेला रेलवे स्टेशन पर महिला यात्री से दुष्कर्म के गंभीर आरोप में जेल भेजे गए रेलकर्मी कपिलेश्वर सिंह के खिलाफ चक्रधरपुर रेल मंडल ने कड़ी विभागीय कार्रवाई की है। रेलवे प्रशासन ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया है। इसके साथ ही उसकी पेंशन समेत अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर भी रोक लगा दी गई है।
चक्रधरपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) आदित्य चौधरी ने बताया कि कपिलेश्वर सिंह पर लगे आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं। मामले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर रही है। रेलवे प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग के लिए आरोपी से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेज जीआरपी को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेलवे का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर महिला को कार्यालय ले गया
बताया जा रहा है कि घटना 3 अगस्त को राउरकेला रेलवे स्टेशन पर हुई थी। आरोप है कि एक महिला यात्री ट्रेन में सफर के लिए टिकट का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान रेलकर्मी कपिलेश्वर सिंह ने उसे कन्फर्म टिकट दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप के मुताबिक, इसी बहाने वह महिला को अपने कार्यालय में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की
रेलवे प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्टेशन स्तर पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
आरोपी रेलकर्मी के खिलाफ की गई कार्रवाई को रेलवे की ओर से सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के साथ किसी भी तरह के आपराधिक या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उनके इस कारनामे से उनका परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी और मित्र शर्मसार हैं।