बरवाअड्डा थाना प्रकरण में केस डायरी तलब; पांच दिन का अल्टीमेटम खत्म, 8 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
रांची/धनबाद : धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में 21 अगस्त की रात हुई झड़प और थाना प्रभारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले ने अब नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को एमपी-एमएलए न्यायालय में सुनवाई हुई।
अदालत ने फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले की केस डायरी तलब की है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों को राहत देने का आग्रह किया, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी मंगाने का निर्देश दिया। फिलहाल अदालत की ओर से गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई गई है।
झड़प मामले में सीसीटीवी और वीडियो से पहचान
बरवाअड्डा थाना परिसर में 21 अगस्त की रात डुमरी विधायक जयराम महतो और बड़ापिछड़ी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अलावा सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरों की भी जांच कर रही है।
पुलिस इन माध्यमों के जरिए नामजद तथा अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जांच के क्रम में कुछ लोगों को नोटिस दिए जाने की जानकारी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधायक जयराम महतो को अब तक नोटिस नहीं दिया गया है।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस एसोसिएशन का अल्टीमेटम खत्म
विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पूर्व में पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जिसकी अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो गई। इसके बाद एसोसिएशन ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की घोषणा की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मामले में कार्रवाई की प्रगति को लेकर संगठन संतुष्ट नहीं है। उन्होंने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से विधायक की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया।
70 हजार पुलिसकर्मियों को आंदोलन में शामिल करने की चेतावनी
पुलिस एसोसिएशन ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य के करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को आंदोलन में शामिल किया जाएगा। संगठन के अनुसार आंदोलन राज्यव्यापी और चरणबद्ध होगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक जयराम महतो को संबंधित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के तहत ही होगा।
8 सितंबर से काला बिल्ला लगाकर शुरू होगा आंदोलन
पुलिस एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। आंदोलन की शुरुआत 8 सितंबर से होगी।
आंदोलन का प्रस्तावित कार्यक्रम :
8 से 11 सितंबर : पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर चार दिनों तक ड्यूटी करेंगे।
19 सितंबर : एक दिवसीय सामूहिक उपवास का आयोजन होगा। इस दौरान पुलिस केंद्रों और संबंधित स्थानों पर सामूहिक भोजन तथा मेस बंद रखने की बात कही गई है।
24 सितंबर : राज्यव्यापी धरना दिया जाएगा। केंद्रीय पदाधिकारी पुलिस मुख्यालय और पुलिस महानिदेशक कार्यालय के समीप धरना देंगे। जिला एवं अन्य इकाइयों के सदस्य अपने-अपने कार्यालयों और समादेशालयों के पास धरना देंगे।
5 से 10 अक्टूबर : एसोसिएशन के सदस्यों ने छह दिनों तक सामूहिक अवकाश पर जाने का कार्यक्रम तय किया है।
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी जानकारी
राहुल मुर्मू के अनुसार, नौ सूत्री मांगों और प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी मांगों को उठाएगा। संगठन की ओर से पुलिसकर्मियों के सम्मान, कार्यस्थल की मर्यादा, सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को आंदोलन का आधार बताया गया है।
फिलहाल जयराम महतो से जुड़े मामले में न्यायालय की अगली प्रक्रिया और पुलिस की जांच पर नजर बनी हुई है। वहीं, पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन की घोषणा के बाद मामला प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो गया है।
एसोसिएशन की नौ सूत्री मांगें
आरोपित डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के माध्यम से किए गए असंवैधानिक कृत्य के नियमानुसार जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।
पुलिसकर्मियों का सम्मानित वर्दी भत्ता में बढ़ोत्तरी हो।
पुलिसकर्मियों का राशन भत्ता में बढ़ोत्तरी हो।
सातवें वेतनमान के अनुरूप पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण हो।
केंद्रीय पुलिस के अनुरूप झारखंड राज्य के पुलिसकर्मियों के दो बच्चों के शिक्षण के लिए शिक्षण भत्ता।
पुलिस के साथ अमार्यादित व अभद्र व्यवहार एवं पुलिस के विधि व्यवस्था बनाने में हस्तक्षेप करनेवाले जन प्रतिनिधियों पर अनैतिक हस्तक्षेप रोकने व कार्रवाई का प्रविधान हो।
भारतीय पुलिस सेवा के अनुरूप झारखंड राज्य के पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य भत्ता मिले।
दस वर्ष से अधिक अवधि से एक ही जिला, इकाई विशेषकर माओवाद प्रभावित जिला पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा, लातेहार, गढ़वा, पलामू आदि जिला में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण करें।
झारखंड राज्य में कार्यरत पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मियों का ससमय निर्धारित तिथि को पदोन्नति हो।