September 1, 2026
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बंगाल में आद्रा और जॉयचंडी पहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन को मंजूरी

बंगाल में आद्रा और जॉयचंडी पहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन को मंजूरी

कोलकाता, 1 सितंबर (आईएएनएस)। साउथ ईस्टर्न रेलवे (एसईआर) के माल ढुलाई (फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन) को बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय रेलवे ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आद्रा और जॉयचंडी पहाड़ के बीच 272 करोड़ रुपए की लागत से 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

यह प्रोजेक्ट आने वाली तीसरी लाइन के लिए अलग रास्ता और दोनों तरफ से आने-जाने की सुविधा (बाई-डायरेक्शनल कनेक्शन) देगा। इससे रोजाना 6.065 फ्रेट रेक (मालगाड़ी के डिब्बों की कतार) की आवाजाही आसान होगी और औद्योगिक ट्रैफिक में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को संभालने में मदद मिलेगी।

रेलवे ने कहा, “यह बाईपास खास तौर पर सेल (एसएआईएल) की 23.40 एमटीपीए आयरन ओर (लौह अयस्क) की मांग और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के रोजाना 45 कोल रेक के अनुमान से जुड़ी माल ढुलाई में मदद करेगा।”

चक्रधरपुर डिवीजन से आयरन ओर, आद्रा होते हुए आसनसोल और दुर्गापुर के स्टील-उत्पादक क्षेत्र और उसके आसपास के स्टील प्लांट तक जाता है।

इसी तरह, उस बेल्ट में बीसीसीएल की खदानों से कोकिंग कोल भी आद्रा-जॉयचंडीपहाड़ सेक्शन का इस्तेमाल करता है।

रेलवे ने आगे कहा, “आद्रा-जॉयचंडी पहाड़-सांका बाईपास, आद्रा-जॉयचंडी पहाड़ सेक्शन पर मौजूदा ऑपरेशनल रुकावटों और सरफेस-क्रॉसिंग (सड़क या दूसरी पटरी को पार करने) के कारण होने वाली देरी को खत्म करने में मदद करेगा। मौजूदा नेटवर्क 71 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहा है और सरफेस-क्रॉसिंग के कारण मालगाड़ियों की गति प्रभावित होती है। ऐसे में यह बाईपास ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बनाने और आगे की भीड़भाड़ को रोकने में मदद करेगा।”

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से 8.88 एमटीपीए का अतिरिक्त ट्रैफिक संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जॉयचंडी पहाड़-आद्रा सेक्शन की मौजूदा लाइन क्षमता 47.50 प्रतिशत है, जिसके 2028-29 तक बढ़कर 56.45 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय ने कहा, “यह बाईपास भारतीय रेलवे के लिए पहचाने गए एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर का हिस्सा है। अतिरिक्त क्षमता और माल की आसान आवाजाही प्रदान करके, यह प्रोजेक्ट औद्योगिक सामानों के परिवहन को मजबूत करेगा और भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर ज्‍यादा माल ढुलाई (थ्रूपुट) को संभव बनाएगा।”

यह प्रोजेक्ट निर्बाध आवाजाही के जरिए अतिरिक्त क्षमता बनाकर आद्रा-जॉयचंडी पहाड़ कॉरिडोर में माल ढुलाई के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करेगा, जिससे माल ढुलाई कार्यों की दक्षता में सुधार होगा।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

  • IANS is a prominent private Indian news agency. It provides news services to media organizations.

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