August 28, 2026
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एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) पद की भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

जांच में सामने आया है कि उम्मीदवार रितुजा पाटील (फिलहाल गिरफ्तार नहीं) और गौरव पाटील के बीच प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि रितुजा ने अपने पिता अमृत पाटील से परीक्षा का पेपर हासिल करने की बात कही थी। इसके बाद अमृत पाटील कथित बिचौलिए प्रवीण पाटील के संपर्क में आया। प्रवीण पाटील नंदुरबार में कोचिंग क्लास चलाता है।

पुलिस को जानकारी मिली है कि प्रवीण पाटील और एमपीएससी के गिरफ्तार अधिकारियों के बीच करीब 5 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। हालांकि, जांच के दौरान यह रकम बढ़ सकती है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पूरी डील करीब 12 लाख रुपए में हुई थी। क्राइम ब्रांच अब इस रकम से जुड़े पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण समानताएं मिली हैं। प्रवीण पाटील, रितुजा के पिता अमृत पाटील और एमपीएससी से जुड़े अधिकारी सभी नंदुरबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि, पुलिस के मुताबिक प्रवीण पाटील जिस कोचिंग क्लास को चलाता है, उसका एफडीए इंस्पेक्टर परीक्षा से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है। इसी वजह से क्राइम ब्रांच को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में आगे और भी आरोपी सामने आ सकते हैं।

जांच के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक होने के बाद इसकी जानकारी आगे कई लोगों तक पहुंची। शिकायतकर्ता ऋषिकेश गांगुर्दे सोशल मीडिया पर एफडीए से संबंधित कंटेंट बनाता है। इसी दौरान गौरव पाटील उसके संपर्क में आया और उसे लीक हुए पेपर के बारे में जानकारी दी।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गौरव पाटील और रितुजा पाटील के बीच प्रेम संबंध थे। ब्रेकअप के बाद गौरव ने एमपीएससी को पेपर लीक की जानकारी देने का फैसला किया। गौरव पाटील उर्फ लोकेश ने ऋषिकेश गांगुर्दे से संपर्क कर उसे यह भी बताया कि उसके पास लीक हुए पेपर की कॉपी मौजूद है।

इस मामले में एमपीएससी से जुड़े तीन अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें विश्वेश्वर नकटे (सहायक कक्ष अधिकारी), गोपाल मराठे (अवर सचिव-एमपीएससी) और अभिजीत लेंडवे (अवर सचिव-एमपीएससी) शामिल हैं। इन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गौरव पाटील को भी आरोपी मानकर उसे गिरफ्तार किया गया है, जबकि रितुजा पाटील को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है।

क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से दो दिन पहले पेपर एमपीएससी से बाहर कैसे आया, पेपर किन लोगों तक पहुंचा, 12 लाख रुपए की कथित डील में किस-किस की भूमिका थी, 5 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन का संबंध किन आरोपियों से है और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पेपर लीक की पूरी कड़ी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है।

–आईएएनएस

डीके/एबीएम

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