गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत जगन्नाथपुर पंचायत में नाली सफाई योजना के नाम पर करीब 3.61 लाख रुपये खर्च किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने योजना में कथित अनियमितता और राशि के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, संबंधित योजना 15वें वित्त आयोग के तहत कार्य संख्या 57228125 के रूप में वर्ष 2022-23 में दर्ज है। योजना की अनुमानित लागत 3,78,700 रुपये बताई गई है, जबकि अभिलेखों में अब तक 3,61,372 रुपये खर्च दर्शाया गया है। खास बात यह है कि योजना की स्थिति अभी भी निर्माणाधीन बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने योजना की जानकारी पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत की इस योजना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ संबंधित वार्ड के सदस्यों को भी नहीं है। जिस स्थान पर नाली की सफाई का कार्य दिखाया गया है, वह एक वार्ड सदस्य के घर के ठीक सामने स्थित है।
ग्रामीणों का दावा है कि उक्त नाला पिछले कई वर्षों से सुचारू रूप से संचालित है और उसकी सफाई समय-समय पर आदित्यपुर नगर निगम की ओर से कराई जाती रही है। हाल में भी नगर निगम के मेयर संजय सरदार की पहल पर पंचायत क्षेत्र में स्थित इस नाले की सफाई में सहयोग किया गया था।
पंचायत फंड से खर्च को लेकर उठे सवाल
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब नाले की नियमित सफाई नगर निगम की ओर से होती रही है, तो पंचायत निधि से इसी कार्य के नाम पर लाखों रुपये का खर्च दर्ज कैसे किया गया। शिकायतकर्ताओं ने योजना की वास्तविक स्थिति, कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि की जांच की मांग की है।
डीसी ने डीडीसी को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को निर्देश दिया है। डीडीसी ने भी शिकायतकर्ताओं को शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से जांच पूरी होने के बाद उन्हें भी यह जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है कि मामले में क्या तथ्य सामने आए और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।