August 15, 2026
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कोलकाता बंदरगाह पर शहर के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वजों में से एक फहराया गया

कोलकाता बंदरगाह पर शहर के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वजों में से एक फहराया गया

कोलकाता, 14 अगस्त (आईएएनएस)। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (एसएमपीए) ने ‘हर घर तिरंगा’ पहल के तहत शुक्रवार को अपने नेताजी सुभाष डॉक पर 60 मीटर ऊंचे पोल पर भारतीय तिरंगा फहराया। लगभग 197 फीट ऊंचा यह झंडा शहर के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय झंडों में से एक है।

एसएमपीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस ऊंचे पोल पर 30 फीट बाय 20 फीट का शानदार राष्ट्रीय ध्वज लगा है, जिससे तिरंगा कोलकाता के ऐतिहासिक पोर्ट इलाके में एक खास नया लैंडमार्क बन गया है। यह पहल ‘हर घर तिरंगा’ की भावना के प्रति एसएमपीए की प्रतिबद्धता को दिखाती है और राष्ट्रीय गौरव, एकता और ‘विकसित भारत’ के प्रति सामूहिक संकल्प के मूल्यों का जश्न मनाती है।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक डॉक के ऊपर ऊंचा लहराता तिरंगा भारत की समुद्री विरासत और राष्ट्र-निर्माण में कोलकाता पोर्ट के लंबे समय से चले आ रहे योगदान का प्रतीक है।

यह झंडा पोल एक स्थायी ढांचा है जिसकी उम्र 25 साल है। इसमें लगातार पतला होता हुआ, हॉट-डिप गैल्वेनाइज्ड, 20-तरफा पॉलीगोनल हाई-टेन्साइल स्टील शाफ्ट है, जिसे आरसीसी बोर्ड कास्ट-इन-सीटू पाइल फाउंडेशन पर टिकाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि झंडे को मोटराइज्ड डबल-ड्रम विंच सिस्टम से ऑपरेट किया जाता है।

कोलकाता पोर्ट देश का सबसे पुराना चालू नदी वाला प्रमुख पोर्ट है। इसने आधिकारिक तौर पर 1870 में काम करना शुरू किया था। झंडा ऐतिहासिक क्लॉक टावर के बगल में फहराया गया है, जिसे 1899 में आने वाले जहाजों को समय जानने में मदद करने के लिए लगाया गया था। क्लॉक टावर नेताजी सुभाष डॉक से भी पुराना है। नेताजी सुभाष डॉक को 1928 में किंग जॉर्ज डॉक के तौर पर शुरू किया गया था और 1973 में इसका नाम बदला गया था।

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस डॉक ने अहम भूमिका निभाई थी। चीन-बर्मा-भारत क्षेत्र में ‘ओवर द हम्प’ ऑपरेशन के लिए सैनिक और साजो-सामान यहीं उतारे जाते थे। आज, नेताजी सुभाष डॉक में 10 बर्थ हैं, जिनमें एक हेवी-लिफ्ट बर्थ भी शामिल है।

–आईएएनएस

एमएस/

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