रांची, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि रांची में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कुछ उपद्रवी और अराजक तत्वों ने उनके बीच घुसकर विधि व्यवस्था को लेकर समस्या उत्पन्न की। घटनाक्रम की पूरी जानकारी लेने के बाद 500 अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी छात्र को आरोपी नहीं बनाया गया है और न ही किसी का नाम शामिल है। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को इस प्राथमिकी से परेशान होने की जरूरत नहीं है।
एसएसपी ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान बड़ी संख्या में छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ अराजक तत्व प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल हो गए और उन्होंने उपद्रव किया। इन लोगों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। प्राथमिकी में अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान करेगी, जो उपद्रव में शामिल नजर आ रहे हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि केवल आंदोलन में मौजूद रहने या प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर किसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य उपद्रव करने वाले वास्तविक लोगों की पहचान करना है। 10 अगस्त को जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच सहित विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया था।
उन्होंने कहा कि जगन्नाथपुर मंदिर के समीप प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़ने, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई थी। घटना में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना थी। इस मामले में विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
–आईएएनएस
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