आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को स्कूली बच्चों से भरा एक टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में सेंट्रल पब्लिक स्कूल के कक्षा सातवीं, नौवीं और दसवीं के 13 छात्र-छात्राएं घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को पास के मगध सम्राट हॉस्पिटल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे टेम्पो से अपने घर लौट रहे थे। वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे सवार होने की भी चर्चा है। जैसे ही टेम्पो मगध सम्राट हॉस्पिटल के समीप डायवर्सन के पास पहुंचा, तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और टेम्पो सड़क पर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि एक छात्र वाहन के नीचे दब गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों के मुताबिक, सभी घायल बच्चों का इलाज जारी है। इनमें दो बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। एक बच्चे का इलाज मगध सम्राट हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि दूसरे गंभीर रूप से घायल छात्र को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। घायल बच्चों को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने हादसे के लिए चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की भूमिका, वाहन की गति, क्षमता तथा डायवर्सन स्थल की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
इस हादसे के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या स्कूली बच्चों को ले जा रहे वाहन में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या वाहन की क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए गए थे? क्या चालक के पास आवश्यक दस्तावेज और बच्चों के परिवहन की वैध अनुमति थी? साथ ही डायवर्सन स्थल पर पर्याप्त यातायात प्रबंधन था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना चालक की लापरवाही, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से हुई। वहीं यह हादसा एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के सख्ती से पालन की जरूरत को रेखांकित करता है। प्रशासन और यातायात पुलिस से स्कूल वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग भी तेज हो गई है।