रांची/छत्रपति संभाजीनगर: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे आंदोलन को अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिल गया है।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को घोषणा की कि वह आंदोलनरत अभ्यर्थियों के समर्थन में जल्द ही झारखंड आएंगे और उनकी मांगों के साथ खड़े होंगे।
उनके इस ऐलान को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार जारी है।
छात्रों के आंदोलन में होंगे शामिल
छत्रपति संभाजीनगर में CJP की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका संगठन फिलहाल एक दबाव समूह के रूप में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में युवाओं और आम लोगों की आवाज को मजबूत करने की जरूरत है और इसी उद्देश्य से संगठन आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को उनका पूरा समर्थन मिलेगा और वे स्वयं झारखंड पहुंचकर छात्रों के साथ खड़े होंगे।
29 जुलाई से चल रहा JPSC अभ्यर्थियों का धरना
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से बड़ी संख्या में JPSC अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल नहीं हो सकता।
‘हर मांग का समर्थन करेंगे’
जब दीपके से पूछा गया कि क्या वे झारखंड के इस आंदोलन का समर्थन करेंगे, तो उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे। हम छात्रों के साथ खड़े होंगे और उनकी हर मांग का समर्थन करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया उनकी पार्टी को लेकर जितना उत्साहित है, उससे कहीं अधिक जरूरी युवाओं के मुद्दों पर गंभीर चर्चा है।
संस्थाओं पर भरोसा कम होने की जताई चिंता
अभिजीत दीपके ने कहा कि न्यायपालिका, राजनीति, मीडिया और निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं पर लोगों का भरोसा लगातार कम होता जा रहा है।
उनके अनुसार, उनका आंदोलन अब केवल शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता जैसे व्यापक मुद्दों को भी सामने ला रहा है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को जवाबदेह बनाने के लिए एक मजबूत जनदबाव समूह की आवश्यकता है।
आंदोलन से बढ़ी जिम्मेदारी
दीपके ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को देशभर से व्यापक समर्थन मिला, जिससे संगठन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कोर टीम की बैठक में संगठन के विस्तार, भविष्य की रणनीति और देशभर में युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक संगठन के मार्गदर्शक बने रहेंगे।
NEET और अन्य परीक्षा अनियमितताओं पर भी रहेगा फोकस
CJP के प्रतिनिधि सौरव दास ने कहा कि संगठन NEET पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने मांग की कि हालिया छात्र आंदोलनों में शामिल विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। उन्होंने बताया कि संगठन सरकार के प्रतिनिधियों से इस विषय पर बातचीत कर रहा है और आंदोलन के दौरान घायल छात्रों को कानूनी व चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
देशभर में चर्चा में रहा था CJP का आंदोलन
गौरतलब है कि CJP के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। इस आंदोलन में देशभर से हजारों छात्र शामिल हुए थे।
अभिजीत दीपके ने जून में अमेरिका से लौटने के बाद इस अभियान का नेतृत्व किया था। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग प्रमुख मुद्दा रही। हालांकि, बाद के कुछ प्रदर्शनों में हिंसा की घटनाओं के बाद विभिन्न राज्यों में कई छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामले भी दर्ज किए।
मालूम हो कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से मुखातिब हुए। कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी दबाव बनाने वाले समूह के रूप में काम करेगी क्योंकि इस समय देश को इसी की जरूरत है।बोले की यहां बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में लोगों के घटते भरोसे पर चर्चा हुई।