August 6, 2026
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RANCHI : झारखंड सचिवालय कर्मियों का आंदोलन तेज, मानव श्रृंखला बनाकर सरकार से लंबित मांगें पूरी करने की मांग

RANCHI : झारखंड सचिवालय कर्मियों का आंदोलन तेज, मानव श्रृंखला बनाकर सरकार से लंबित मांगें पूरी करने की मांग

मानव श्रृंखला के बाद कर्मियों का आंदोलन तेज, 6 से 12 अगस्त तक काला बिल्ला पहनेंगे

रांची : राजधानी रांची में झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन तेज कर दिया है। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस परिसर में कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। संघ ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और सरकारी कामकाज प्रभावित किए बिना आगे भी जारी रहेगा।

संघ ने बताया कि यह उनके चरणबद्ध आंदोलन के पहले चरण का दूसरा कार्यक्रम है, जिसमें बड़ी संख्या में सचिवालय कर्मियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के बावजूद सचिवालय कर्मी नियमित रूप से अपने कार्यालयों में कार्य कर रहे हैं और किसी भी प्रकार से सरकारी कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है।

संघ की प्रमुख मांगों में सचिवालय सेवा के हितों के विपरीत प्रस्तावित निर्णयों को वापस लेना, संकल्प संख्या-3286 का प्रभावी क्रियान्वयन, संयुक्त सचिव एवं उप सचिव के पर्याप्त पदों का सृजन, लंबित प्रोन्नति मामलों का शीघ्र निष्पादन तथा सचिवालय सेवा से जुड़े नीतिगत फैसलों में संघ की सहभागिता सुनिश्चित करना शामिल है।

संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के समक्ष कई बार ज्ञापन सौंपे गए और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

इसी कारण कर्मचारियों को चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

संघ ने घोषणा की कि आंदोलन के अगले चरण के तहत 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सभी सचिवालय कर्मी अपने-अपने कार्यस्थल पर काला बिल्ला लगाकर नियमित रूप से कार्यालयीन कार्य करेंगे।

साथ ही सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी चरणों में कलमबंद आंदोलन, सामूहिक अवकाश और आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

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