August 6, 2026
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एमपी: अंतरराज्यीय अवैध निवेश धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

एमपी: अंतरराज्यीय अवैध निवेश धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। द्वारका जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने मध्य प्रदेश के इंदौर में संचालित एक अंतरराज्यीय अवैध निवेश धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी शेयर बाजार और फॉरेक्स ट्रेडिंग योजनाओं के जरिए निवेशकों से ठगी करने के आरोप में छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर एक प्रतिष्ठित निवेश और ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर चलाया जा रहा था और देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा हुआ था। कार्रवाई के दौरान 28 सीपीयू, 25 मोबाइल फोन, दो वाई-फाई राउटर, एक डीवीआर और एक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरा बरामद किया गया। इसके अलावा, हजारों निवेशकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी वाली 1,400 से अधिक स्प्रेडशीट भी जब्त की गई हैं।

यह कार्रवाई एक साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान की गई, जिसमें दिल्ली निवासी एक व्यक्ति से शेयर बाजार और फॉरेक्स बाजार में निवेश के नाम पर 17.30 लाख रुपए की ठगी की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के उत्तम नगर निवासी सुनील कुमार ने 5 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पहले उन्हें भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर भरोसा दिलाया गया और बाद में फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए कहा गया। उन्हें नकली मुनाफा दिखाकर बार-बार अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

जब उन्होंने अपनी निवेश राशि और कथित लाभ निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने विभिन्न बहाने बनाए और बाद में ट्रेडिंग में नुकसान दिखा दिया। इससे उन्हें 17,30,050 रुपए का नुकसान हुआ। सुनील कुमार 30 मार्च 2026 से लगातार निवेश कर रहे थे और बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन, द्वारका में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 319 और 61(2) के तहत एफआईआर संख्या 29/2026 दर्ज की गई।

द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह और अतिरिक्त डीसीपी विकास मीणा के निर्देश पर साइबर पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच के बाद पुलिस इंदौर तक पहुंची।

इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में और साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप तुषार तथा एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में एक विशेष टीम ने इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित एक बाजार में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी निवेश संबंधी कॉल करने में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पहले इंदौर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया और बाद में दिल्ली लाया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंदौर निवासी सुमित सिंह चौधरी (23), राहुल सिंह (32), अश्विनी कुमार (35), महेश सिंह (32), पियूष राठौर (27) और रविंदर सिंह चौहान (24) के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कॉलर और टीम लीडर के रूप में इस फर्जी नेटवर्क में काम कर रहे थे। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह अवैध स्रोतों से पहले से शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों का डेटा हासिल करता था। इसके बाद कॉलर लोगों को पहले भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने के लिए राजी करते थे और फिर उन्हें एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए फंसाते थे।

पीड़ितों को निजी बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा जाता था, और उन्हें नकली लाभ दिखाया जाता था ताकि वे और अधिक निवेश करें। जब निवेशक अपने पैसे निकालने की कोशिश करते थे, तो आरोपियों की ओर से बहाने बनाए जाते थे, और अंत में फर्जी नुकसान दिखाकर उनकी पूरी निवेश राशि हड़प ली जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले दो से चार महीनों से इस अवैध कॉल सेंटर में काम कर रहे थे। उन्हें हर महीने 10,000 से 14,500 रुपए तक वेतन मिलता था। इसके अलावा ठगी से जुटाई गई रकम का करीब 10 प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता था। वेतन और कमीशन दोनों नकद में दिए जाते थे।

बरामद 25 मोबाइल फोन में से तीन सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क करने वाले नंबरों से जुड़े पाए गए। वहीं, 28 सीपीयू में मौजूद 1,400 से अधिक एक्सेल शीट में हजारों लोगों के नाम, पैन विवरण, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते संबंधी संवेदनशील जानकारी मिली।

पुलिस ने बताया कि बरामद डेटा के विश्लेषण से अब तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी मामलों से संबंध सामने आए हैं। इन मामलों में कुल नुकसान 54.70 लाख रुपए से अधिक का पाया गया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार सहित कई राज्यों के पीड़ितों की पहचान की गई है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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