- मुख्य बिन्दु :
- आक्रोशित भीड़ ने लाठी डंडों से पीटा, सड़क पर घसीटा
- पुलिस के पहुंचने पर भी लोग करते रहे उसकी पिटाई
- बचाने पहुंचे परिजनों के साथ भी भीड़ ने की मारपीट
चतरा: झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कथित रूप से भीड़ द्वारा बेरहमी से की गई पिटाई में गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
परिजनों ने लगाया भीड़ की बर्बर पिटाई का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि एक कथित घटना की सूचना फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। भीड़ ने युवक को जबरन घर से बाहर निकालकर लाठी-डंडों, पत्थरों और अन्य वस्तुओं से बेरहमी से पीटा। परिवार का कहना है कि युवक को बचाने पहुंचे अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद भी कुछ समय तक मारपीट जारी रही। हालांकि पुलिस ने कहा है कि इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को भीड़ के बीच से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
कथित दुष्कर्म की सूचना के बाद भड़का था ग्रामीणों का गुस्सा
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक नाबालिग बालिका के साथ कथित दुष्कर्म की सूचना फैलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश उत्पन्न हुआ और स्थिति हिंसक हो गई। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर युवक को भीड़ से बाहर निकाला, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अधिकारी ने बताया कि नाबालिग की मेडिकल जांच रिपोर्ट और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
पुलिस बोली- कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं
पुलिस के अनुसार मृतक के खिलाफ पूर्व में पॉक्सो अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता। किसी भी आरोपी को दोषी ठहराना और सजा देना केवल न्यायालय का अधिकार है।
वीडियो फुटेज से हो रही आरोपियों की पहचान
थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। सभी दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, अफवाहों से बचने की अपील
घटना के बाद टंडवा और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।