धनबाद/कोडरमा: झारखंड में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें चालकों की लापरवाही, तेज गति से वाहन चलाना और चालकों को सही प्रशिक्षण नहीं दिए जाने की भी बातें हो रही है।
धनबाद-कोडरमा सीमा पर एनएच-19 स्थित दनुआ घाटी में शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में नौ वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसों में दो वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि दुर्घटनाओं के कारण हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।
दुर्घटनाओं के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाटी के तीखे मोड़, फिसलन भरी सड़क और कुछ वाहनों की तेज रफ्तार के कारण एक के बाद एक कई वाहन अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस एवं एनएचएआई को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर गंभीर रूप से घायल दोनों चालकों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया जा सका। हालांकि, जाम पूरी तरह समाप्त होने में कई घंटे लग गए और इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दनुआ घाटी में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब तक प्रभावी और स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
लोगों ने घाटी में स्पीड कंट्रोल सिस्टम, अतिरिक्त चेतावनी संकेतक, बेहतर हाईमास्ट लाइटिंग, सीसीटीवी निगरानी तथा नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
सरकार की ओर से इस मामले में सिर्फ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है लेकिन उसका असर नहीं दिख रहा है।
इधर, पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि दनुआ घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में निर्धारित गति सीमा का पालन करें, पर्याप्त दूरी बनाए रखें और पूरी सावधानी के साथ वाहन चलाएं।