नई दिल्ली/रांची : झारखंड में JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितता व पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस और झामुमो पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया है। दिल्ली में भाजपा के झारखंड के सांसदों ने प्रदर्शन कर सभी भर्ती घोटालों की CBI जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
झारखंड भाजपा के सभी सांसदों ने दिल्ली स्थित मकर द्वार के सामने कांग्रेस की कथित दोहरी राजनीति के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की CBI जांच की मांग उठाई और कांग्रेस व झामुमो पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस एक ओर दिल्ली में छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठा रही है, जबकि झारखंड में JPSC, JSSC CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर पूरी तरह मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान 19 अभ्यर्थियों की मौत हुई, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी।
आदित्य साहू ने कहा कि जब-जब कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार बनी है, तब-तब छात्रों और युवाओं के हितों की अनदेखी हुई है। उन्होंने मांग की कि उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को राज्य सरकार एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से झारखंड जाकर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की भी मांग की। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस दिल्ली और झारखंड में अलग-अलग राजनीतिक रुख अपनाकर दोहरी राजनीति कर रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के पिछले छह वर्षों के दौरान जिन-जिन भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगे हैं, उन सभी मामलों की CBI जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार CID जांच के माध्यम से भर्ती घोटालों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि इन मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
इस प्रदर्शन में आदित्य साहू के अलावा सांसद निशिकांत दुबे, बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो और मनीष जायसवाल भी शामिल रहे।