जमशेदपुर: राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे छात्र आंदोलनों के समर्थन में मंगलवार शाम शहर में जनआंदोलन एकजुटता मंच के बैनर तले दो घंटे का धरना आयोजित किया गया।
धरना का उद्देश्य नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना, परीक्षा घोटालों से निराश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देना तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने युवाओं का भविष्य और विश्वास दोनों प्रभावित किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
धरना के दौरान मंच की ओर से कई प्रमुख मांगें भी रखी गईं। इनमें छात्र आंदोलनों पर कथित दमन के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, बिना वर्दी एवं बिना पहचान चिह्न के तैनात कर्मियों की पहचान कर उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने, परीक्षा अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों पर दर्ज सभी मुकदमे बिना शर्त वापस लेने की मांग शामिल रही।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन रवीन्द्र प्रसाद, सुमित राय, गौतम बोस, सुजय राय, जसवंत सिंह और मंथन ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर डॉ. आर.के. सिंह, अर्पिता, लक्ष्मी, लिली शर्मा, बिंदा सोरेन, असलम मलिक, तौहीद्दुल हसन, रईस अफरीदी, भगवान सिंह, अशोक शुभदर्शी, राजकुमार यादव, शत्रुघ्न प्रसाद, लगनजीत गांगुली, शंभु मुखी, अच्छा यादव, सतीश, आर.डी. राय, सोहन महतो, मनोज गुप्ता, शंभु सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में निधि, राजश्री, चिन्मयी, अनिमा बोस और वृहस्पति सरदार सहित कई लोगों का योगदान रहा।