चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में मानव तस्करी के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुधराम गोप, दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू और तुराम कान्डेयांग उर्फ अरुण के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ चक्रधरपुर थाना में मानव तस्करी से संबंधित मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मानव तस्करी गिरोह के लिए दलाल के रूप में काम करते थे। वे क्षेत्र के गरीब मजदूरों और बच्चों को बेहतर रोजगार का झांसा देकर बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में भेजने का काम करते थे।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
उल्लेखनीय है कि 16 मई को चक्रधरपुर पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया था।
गुप्त सूचना के आधार पर शहर के के-टू होटल में छापेमारी कर 30 महिला-पुरुष मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों (पांच लड़के और एक लड़की) को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया था।
जांच में सामने आया था कि सभी को रोजगार दिलाने का झांसा देकर गुजरात ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने की तैयारी की जा रही थी। मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए खड़ी एक बस भी जब्त की गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने 16 मई की देर रात इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। गिरफ्तार तीनों आरोपी उसी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिन्हें अब पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया है।