जमशेदपुर : शहर के डिमना लेक में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत हो गई। करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीन डॉक्टर मॉर्निंग वॉक के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां मोबाइल निकालने के प्रयास में दो डॉक्टर गहरे पानी में डूब गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मृतकों की पहचान जमशेदपुर के काशीडीह निवासी समीर और पलामू के डाल्टेनगंज निवासी सक्षम के रूप में हुई है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस, प्रशासन, स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान चलाया। अंततः टाटा स्टील के सुरक्षा विभाग में कार्यरत एवं सिविल डिफेंस से जुड़े मजदूरुल बारी ने लगातार खोजबीन के बाद दोनों शवों को गहरे पानी से बाहर निकाला। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और साथियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बोड़ाम थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और डूबने की वास्तविक वजह क्या थी।
मोबाइल निकालने के प्रयास में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार एमजीएम मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर—समीर, सक्षम और यश—शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए डिमना लेक पहुंचे थे।

घूमते-घूमते तीनों उस हिस्से में पहुंच गए, जिसे प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है। इसी दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने की कोशिश में तीनों गहरे पानी की ओर बढ़ गए और संतुलन बिगड़ने से डूबने लगे।
बताया जा रहा है कि यश किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे और उन्होंने तत्काल घटना की सूचना दी। लेकिन समीर और सक्षम गहरे पानी में समा गए। सूचना मिलते ही बोड़ाम थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और गोताखोर मौके पर पहुंचे तथा बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
अस्पताल में पसरा मातम
दोनों जूनियर डॉक्टरों की असमय मौत की खबर मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शोक की लहर दौड़ गई। सहपाठी, शिक्षक और अस्पताल के चिकित्सक घटना से स्तब्ध हैं।
वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिमना लेक के प्रतिबंधित और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा सुरक्षा नियमों का पालन करें।