जमशेदपुर : परसुडीह थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में डकैती की साजिश रचने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उनके आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
परसुडीह पुलिस को मिली बड़ी सफलता, दो फरार आरोपी गिरफ्तार
जमशेदपुर पुलिस को डकैती की साजिश के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। परसुडीह थाना पुलिस ने वर्ष 2024 से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखीकांत गोप उर्फ बेगी (35) और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप (34) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गुप्त सूचना पर हुई थी बड़ी कार्रवाई
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 25 अक्टूबर 2024 की शाम करीब पांच बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परसुडीह थाना क्षेत्र के छोटा गोबिंदपुर स्थित एक निर्माणाधीन फ्लैट के पास कुछ अपराधी हथियारों के साथ बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से सुजल गोप, दिनेश पात्रो उर्फ शुरू बाबू, राकेश पाल उर्फ सोना भगत, सनुष गोप और असीन दास को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान राकेश पाल के पास से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया था। सभी आरोपियों को 26 अक्टूबर 2024 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
पूछताछ में सामने आए थे फरार आरोपियों के नाम
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान लखीकांत गोप उर्फ बेगी और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप के नाम सामने आए थे। घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, लखीकांत गोप छोटा गोबिंदपुर का निवासी है, जबकि समीर गोप वर्तमान में छोटा गोबिंदपुर के सुभाषनगर में रह रहा था। उसका स्थायी पता पोटका थाना क्षेत्र के बंगालीबासा गांव में है।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। लखीकांत गोप के खिलाफ वर्ष 2016 में रंगदारी, चोरी और तोड़फोड़ से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप पर वर्ष 2018 में रंगदारी, मारपीट, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए जा चुके हैं।
अन्य आपराधिक नेटवर्क की भी होगी जांच
सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक गिरोहों से संबंधों और उनकी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह गिरोह किन-किन वारदातों में शामिल रहा है और इसके अन्य सदस्य कौन हैं।