जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला अब झारखंड के दूसरे सोलर सिटी के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिले के चाकुलिया प्रखंड में 7 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिसे ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह परियोजना चाकुलिया के पूर्णापानी क्षेत्र में 20 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जेरेडा) द्वारा कराया जाएगा। परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सोलर प्लांट के चालू होने के बाद चाकुलिया और आसपास के इलाकों में लंबे समय से बनी बिजली कटौती की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इस प्लांट से चाकुलिया के साथ-साथ बहरागोड़ा प्रखंड के कई क्षेत्रों को भी बिजली आपूर्ति की जाएगी।
सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली को स्थानीय पावर हाउस तक पहुंचाया जाएगा, जहां से इसे घरों, संस्थानों और अन्य उपभोक्ताओं तक वितरित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को स्थिर, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास का नया आधार बनेगी। बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने से छोटे उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय उद्यमों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
लोगों का कहना है कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद चाकुलिया भविष्य के हरित और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित होगा और झारखंड के उभरते सोलर हब के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास और भूमि पूजन 23 मई को किया जाएगा। बहरागोड़ा के विधायक Sameer Mohanty इसका शिलान्यास करेंगे। विधायक ने बताया कि 7 मेगावाट क्षमता वाला यह प्लांट क्षेत्र के लोगों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराएगा। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कंपनी द्वारा स्थल का निरीक्षण भी किया जा चुका है।
गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान रहने वाले लोगों को इस परियोजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सोलर प्लांट के शुरू होने के बाद क्षेत्र में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकता है।
