सरायकेला में दवा निपटान कार्यक्रम नशा विरोधी प्रयासों को मजबूत करने पर केंद्रित है
प्रमुख बिंदु:
- सीनी में 30 करोड़ रुपये की दवाएं नष्ट की गईं।
- कार्यक्रम राष्ट्रव्यापी नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है।
- अमित शाह ने नशा मुक्त भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
सरायकेला – सरायकेला-खरसावां जिले के सीनी में आज एक महत्वपूर्ण मादक पदार्थ निपटान कार्यक्रम चलाया गया, जहां लगभग ₹30 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। यह आयोजन एक राष्ट्रव्यापी पहल का हिस्सा था जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण को साकार करना था।
गृह मंत्रालय के “ड्रग डिस्पोजल पखवाड़ा” के तहत आयोजित यह अभियान 11 जनवरी से 25 जनवरी तक चलता है। विभिन्न पुलिस स्टेशन झारखंड इस कार्यक्रम में पिछले छह महीनों से जब्त की गई दवाओं का योगदान दिया।
राष्ट्रव्यापी नशा विरोधी अभियान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए इस कार्यक्रम में ऑनलाइन भाग लिया। उन्होंने कहा, “यह प्रधानमंत्री मोदी के नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” यह कार्यक्रम नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
पहल का प्रभाव
पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त की गई नष्ट की गई दवाएं नशीली दवाओं के खतरे को रोकने में प्रवर्तन एजेंसियों की सफलता को दर्शाती हैं। स्थानीय अधिकारियों ने टिप्पणी की कि यह कार्यक्रम नशीली दवाओं की तस्करी पर सरकार की शून्य-सहिष्णुता नीति के बारे में एक मजबूत संदेश भेजता है।
सिनी में यह आयोजन देश भर में मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।