July 26, 2026
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बिटकॉइन की कीमत ने पार किया $1,00,000 का आंकड़ा, क्या बुलबुला फूटेगा?

बिटकॉइन की कीमत ने पार किया ,00,000 का आंकड़ा, क्या बुलबुला फूटेगा?

डोनाल्ड ट्रंप की जीत और निवेशकों के विश्वास ने बिटकॉइन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया, लेकिन इसके जोखिम भी बरकरार हैं।

बिटकॉइन की कीमत ऐतिहासिक $1,00,000 पार कर चुकी है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 85 लाख रुपये बैठती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप और मस्क के समर्थन से यह सफर जारी रह सकता है, लेकिन क्रिप्टो के अनिश्चित भविष्य पर खतरा अभी भी मंडरा रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन ने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उछाल दर्ज की है। एक बिटकॉइन एक लाख डॉलर के पार हो चुका है।

बिटकॉइन के ऊपर चढ़ रहे भाव का सफर भी थोड़ा समझ लें। फरवरी 2024 में एक बिटकॉइन की कीमत 50 से 55,000 अमेरिकी डॉलर के आसपास थी। डोनाल्ड ट्रंप जब चुनाव जीत कर आए तब एक बिटकॉइन 75,000 डॉलर के बराबर था। ट्रंप का चुनाव जीतना तो जैसे बिटकॉइन निवेशकों की लॉटरी लग गई।

पहली बार बिटकॉइन की कीमत $1,00,000 पहुंची है। भारतीय मुद्रा में बात करें तो एक बिटकॉइन लगभग 85 लाख रुपए के बराबर बैठता है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि बिटकॉइन एक अनधिकृत मुद्रा है, विशुद्ध भाषा में कहें तो गैर कानूनी मुद्रा। लेकिन आज यह सबसे वजनी कानूनी मुद्रा यानी डॉलर से भी ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के वक्त एक बिटकॉइन की कीमत 55,000 डॉलर के आसपास थी। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद बिटकॉइन के भाव चढ़े। पहले 75,000 डॉलर प्रति बिटकॉइन भाव पहुंचा, फिर 81 हजार, फिर 90 हजार और दिसंबर 2024 को 1 बिटकॉइन का भाव एक लाख डॉलर के ऊपर चला गया। पांच दिसंबर 2024 को बिटकॉइन रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,02,585 dollar (86.91 लाख रुपए) पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बिटकॉइन की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। बीते एक साल में बिटकॉइन की कीमत में 118 फ़ीसदी की उछाल देखी गई है। एक साल पहले यानी 6 दिसंबर 2023 को एक बिटकॉइन 43, 494 डॉलर (36.85 लाख रुपए) के बराबर था।

कई लोगों का मानना है कि अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी प्रख्यात उद्योगपति ईलॉन मस्क दोनों ही बिटकॉइन के समर्थक रहे हैं। इसलिए इनके सत्ता में आने की आहट से ही बिटकॉइन की कीमत को इतना पुश मिल रहा है। ट्रंप ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि वह अमेरिका को “ दुनिया की क्रिप्टो राजधानी ” (क्रिप्टो कैपिटल ऑफ प्लेनेट) बनाएंगे।

जुलाई 2024 में पहली बार उन्होंने सार्वजनिक मंच से इस क्रिप्टोकरंसी के प्रति favour का इजहार किया था, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था। अब जनवरी 2025 में ट्रंप को ही सत्ता संभालनी है और इस बार के शासन में उनके निकटतम सहयोगी रहेंगे स्पेस एक्स के मालिक ईलॉन मस्क। मस्क को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कर चुके हैं। ये सारी स्थितियां बिटकॉइन के भविष्य के लिए बिल्कुल अनुकूल दिखती हैं और इसलिए बिटकॉइन में निवेश करने वालों की बाढ़ सी आ गई है। ऐसे में बिटकॉइन की कीमत तो आसमान छूएगी ही।

क्रिप्टो करेंसी ऑनलाइन भुगतान का एक तरीका है। यह नेटवर्क आधारित करेंसी है। इसका इस्तेमाल गुड्स और सर्विसेज के लिए पेमेंट करने के काम में किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसका कोई मालिक नहीं होता। यह एल्गोरिदम के जरिए इंटरनेट पर जारी किया गया एक टोकन है। किसी रेगुलेटरी बॉडी का ना होना क्रिप्टो करेंसी के भविष्य को अनिश्चित बनाता है। आज एक बिटकॉइन $100000 के बराबर है। लेकिन कोई नहीं कह सकता कि कब इसका भाव इतना नीचे चला जाएगा कि दाहिनी ओर के दो-तीन शून्य गायब हो जायें और इसकी हैसियत सिर्फ सौ या हजार डॉलर की रह जाए। बिटकॉइन का लेनदेन सीधे-सीधे दो व्यक्तियों के बीच होता है, बिना किसी बिचौलिए (जैसे बैंक) के।

व्यापारिक भाषा में इस पियर टू पियर ट्रांजैक्शन का नाम देते हैं। बिटकॉइन को स्टोर करने के लिए आपको डिजिटल वॉलेट की आवश्यकता होती है। बिटकॉइन भेजने के लिए आपको सिर्फ रिसीवर के वॉलेट का पता चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि बिटकॉइन विभाज्य भी है। एक बिटकॉइन के दस करोड़ हिस्से हो सकते हैं और इन हिस्सों को satoshis कहते हैं। आप इन छोटे हिस्सों के लिए भी निवेश कर सकते हैं। बिटकॉइन का इस्तेमाल निवेश, डिजिटल भुगतान और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में होता है।

बिटकॉइन का दूसरा जोखिम हैं – सुरक्षा। अगर आपके वॉलेट की private key खो जाए या चोरी हो जाए तो फिर अपने बिटकॉइन को वापस पाना असंभव है। बिटकॉइन नाम की इस रहस्यमयी और आभासी मुद्रा को वर्ष 2009 में एक अज्ञात व्यक्ति या समूह ने सातोशी नाकामोतो के नाम से पेश किया था। भारत या दुनिया की कोई भी सरकार इसे आधिकारिक मुद्रा के रूप में मान्यता नहीं देती है। इसलिए किसी भी बिटकॉइन धारक को किसी तरह के नुकसान की स्थिति में सरकार से किसी मुआवजे की उम्मीद बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए।

आज बिटकॉइन का मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं यह बुलबुला फूटेगा तो नहीं? और अगर फूटा तो निवेशकों का क्या होगा?

डोनाल्ड ट्रंप की जीत और निवेशकों के विश्वास ने बिटकॉइन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया, लेकिन इसके जोखिम भी बरकरार हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की जीत और निवेशकों के विश्वास ने बिटकॉइन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया, लेकिन इसके जोखिम भी बरकरार हैं।

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