September 9, 2026
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पुलवामा मुठभेड़ में बहादुर सीआरपीएफ जवान अजय कुमार राय की मौत पर झारखंड में शोक

पुलवामा मुठभेड़ में बहादुर सीआरपीएफ जवान अजय कुमार राय की मौत पर झारखंड में शोक
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सोशल मीडिया पर लोग शहीद वीर जवान अजय राय को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, इस क्षति का दुख पूरे गिरिडीह समाज को है. परिजन, स्थानीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.

रांची- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरिडीह के सीआरपीएफ जवान अजय कुमार राय के निधन पर शोक व्यक्त किया है. स्वर्गीय अजय कुमार राय ने कश्मीर के पुलवामा में एक मुठभेड़ में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये.

एक संदेश में सीएम ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में झारखंड के माटी के लाल, गिरिडीह के ढेंगाडीह गांव के सीआरपीएफ जवान अजय कुमार राय की शहादत की खबर से बेहद दुखी हूं. ईश्वर स्वर्गीय अमर वीर शहीद अजय जी की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारजनों को दुःख की इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.”

अपने बेटे को खोने का गम सिर्फ परिजनों को ही नहीं बल्कि पूरे गिरिडीहवासियों को है.

स्थानीय जन प्रतिनिधियों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग भी शहीद अजय राय के परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.

अजय अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे छोड़ गए हैं.

उनकी शादी करीब 5 साल पहले हुई थी.

बेटे की शहादत के गम में मां बार-बार बेहोश हो जा रही है.

जैसे ही उनकी मां स्वाति देवी ने अपने बेटे की मौत की खबर सुनी, तब से वह बेहोश हो जा रही हैं.

शहीद के पिता ने बताया कि रोज शाम को अजय से बात होती थी.

वह हमेशा अपनी मां की तबीयत के बारे में पूछता रहता था, क्योंकि मां की तबीयत खराब चल रही थी.

शहीद अजय कुमार राय के पिता राजू राय ने बताया कि अजय की नौकरी 2016 में लगी थी, जिसके बाद पहली पोस्टिंग सिलीगुड़ी में हुई, फिर वहां से उनका ट्रांसफर जम्मू हो गया.

अचानक आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें अजय कुमार राय शहीद हो गये.

शुक्रवार देर रात 12 से 3 बजे तक वह ड्यूटी पर तैनात थे.

अजय कुमार राय 2016 में सीआरपीएफ में तैनात हुए थे और हाल ही में उनकी पोस्टिंग अमरनाथ में हुई थी.

अजय कुमार राय वर्तमान में गिरिडीह के पटेल नगर, सिरसिया में किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रह रहे थे.

गिरिडीहवासी इस बात से सदमे में हैं कि 15 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले शनिवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के अवंतीपोरा, अमरनाथ में आतंकियों से मुठभेड़ में गिरिडीह का एक जवान शहीद हो गया.

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