जमशेदपुर : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मनोचिकित्सा विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और संवाद को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करना, लोगों को अपनी समस्याओं पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करना और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञों से मदद लेने का संदेश देना था।
विश्व स्तर पर हर वर्ष मनाए जाने वाले विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि आत्महत्या को रोका जा सकता है। भावनात्मक परेशानी के शुरुआती संकेतों की पहचान, संवेदनशील सहयोग और समय पर पेशेवर मदद कई लोगों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इसी उद्देश्य से TMH में जागरूकता, मानसिक मजबूती और समय पर सहायता लेने को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन सत्र और स्वागत संबोधन के साथ हुई। टाटा मेन हॉस्पिटल के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष एवं मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार साहू ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में टाटा स्टील की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
इस अवसर पर डॉ. अशोक सुंदर, चीफ मेडिकल, इंडोर सर्विसेज, डॉ. ममता रथ दत्ता, चीफ मेडिकल, सपोर्ट सर्विसेज तथा डॉ. हृदेश साहनी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, चीफ कंसल्टेंट एवं हेड, रेडियोलॉजी, TMH समेत अन्य चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए ‘लेट्स टॉक’ पैनल चर्चा
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण युवाओं पर केंद्रित पैनल चर्चा “#Let’s Talk: Mental Health Beyond the Hashtags” रही। इसमें युवा पीढ़ी से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पैनल में MBBS इंटर्न, DNB रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और स्टूडेंट काउंसलर शामिल रहे।
चर्चा के दौरान आज के युवाओं के सामने मौजूद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया के बढ़ते दबाव तथा जरूरत पड़ने पर मदद लेने के महत्व पर खुलकर विचार-विमर्श किया गया।
पैनल सदस्यों ने अपने-अपने अनुभवों के आधार पर भावनात्मक परेशानी और आत्महत्या के जोखिम के चेतावनी संकेतों की पहचान, संकट की स्थिति में हस्तक्षेप, पेशेवर सहायता हासिल करने के रास्तों तथा परिवार, दोस्तों और समुदाय की भूमिका पर चर्चा की।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में बातचीत करना जरूरी है। सहानुभूति, समय पर हस्तक्षेप और सही सहायता आत्महत्या की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया और कार्यक्रम में शामिल अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की गई।
टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन चर्चा
शाम को मेडिकल सर्विसेज डिवीजन की ओर से टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए “Mental Health Matters” विषय पर ऑनलाइन पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसका संचालन डॉ. मनोज कुमार साहू ने किया।
पैनल में PGI चंडीगढ़ के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अखिलेश शर्मा, मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक राउत तथा टाटा मेन हॉस्पिटल की एसोसिएट स्पेशलिस्ट डॉ. द्युथी आर शामिल रहीं।
चर्चा में तेजी से बदलती और दबावपूर्ण जीवनशैली के बीच मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर विचार किया गया। विशेषज्ञों ने सामान्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं, तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपायों, मानसिक मजबूती विकसित करने तथा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेने को लेकर समाज में मौजूद गलत धारणाओं पर चर्चा की।
समापन सत्र में टाटा स्टील की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक परेशानी की स्थिति में मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी सेहत के प्रति जागरूकता और मजबूती का संकेत माना जाना चाहिए।