September 4, 2026
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सार्वजनिक जमीन से जुड़े फैसले अलग-अलग सरकारों ने अपने हिसाब से लिए : शिवकुमार

सार्वजनिक जमीन से जुड़े फैसले अलग-अलग सरकारों ने अपने हिसाब से लिए : शिवकुमार

बेंगलुरु, 4 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधा। भाजपा उस प्रस्तावित बिल को वापस लेने का श्रेय लेने की कोशिश कर रही थी, जिसमें पार्क की जमीन का 5 प्रतिशत तक हिस्सा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी। शिवकुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों के बजाय विस्तृत चर्चा की जरूरत है। सभी दलों के नेताओं से मिलकर काम करने की अपील करते हुए शिवकुमार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सुझावों के लिए तैयार हैं।

भाजपा नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए कि उन्होंने यू-टर्न ले लिया है, शिवकुमार ने कहा कि वे कह रहे हैं कि मैंने यू-टर्न लिया है। मैं यू-टर्न क्यों लूंगा, मैं तो बस उन्हें चिंताओं के बारे में बता रहा था। उन्होंने विधानसभा में इस मामले पर चर्चा नहीं की।

उन्होंने कहा कि मैं कह रहा हूं कि यह मुद्दा अलग-अलग समय और अलग-अलग सरकारों के दौरान आगे बढ़ा है। मैं येदियुरप्पा और बोम्मई के कार्यकाल में जो हुआ, उसकी सूची जारी करूंगा। इस पर चर्चा होनी चाहिए।

भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवकुमार ने उन लोगों पर बेंगलुरु में विकास परियोजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने सिद्धारमैया के कार्यकाल के दौरान स्टील ब्रिज के प्रस्ताव के विरोध को भी गिनाया।

उन्होंने कहा कि पहले जब सिद्धारमैया ने स्टील ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा था, तो इन्हीं भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया था। वे विकास के खिलाफ हैं। अगर बेंगलुरु पर किसी तरह का ‘अभिशाप’ है, तो उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। मुझे कोई एक ऐसी बड़ी परियोजना बताएं जो उन्होंने अपने कार्यकाल में बेंगलुरु के लिए शुरू की हो।

शिवकुमार ने कहा कि वे आर. अशोक, एचडी कुमारस्वामी और बीवाई विजयेंद्र सहित भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत हमले नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर मैं ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता जिनका इस्तेमाल विपक्ष के नेता आर. अशोक, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र करते हैं। यह पद मुझे राज्य की जनता और मेरी पार्टी ने दिया है और वे सम्मान के हकदार हैं।

शिवकुमार ने सरकार के प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि मकसद पार्क की जमीन बेचना नहीं बल्कि बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सामान्य रूपरेखा तैयार करना था।

उन्होंने पूछा कि वे हर मुद्दे को अलग-अलग उठा रहे थे और हर मामले से अलग-अलग निपट रहे थे। इसलिए हमारे विभाग ने इसे एक सामान्य प्रस्ताव बना दिया। क्या हम किसी को पार्क बेच रहे हैं।

उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को जमीन ट्रांसफर करने का उदाहरण देते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मकसद से किसी दूसरी सरकारी कंपनी को जमीन ट्रांसफर करने का मतलब उसे बेचना नहीं है। हो सकता है कि मैं उनमें से कुछ लोगों जितना पढ़ा-लिखा न होऊं लेकिन मुझमें आम समझ तो है ही। क्या कोई पार्क बेचेगा।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पार्क वाले इलाकों का हिस्सा रहे या उनसे जुड़ी जमीन पर कई सार्वजनिक इमारतें बनाई गई हैं। उन्होंने एलएच बिल्डिंग, हाई कोर्ट पार्किंग, प्रेस सुविधाओं, इंदिरा गांधी फाउंटेन और बसव भवन का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि आपने जो भी किया है, उसका एक उदाहरण लीजिए। सड़क पर आगे बढ़िए, बाएं मुड़िए और आपको कोने पर एक इमारत दिखेगी। मैं आपको दिखा सकता हूं। मैं इन सभी जगहों को जानता हूं। वहां जेपी पार्क है और कई अन्य पार्क भी हैं। मैं इन सभी जगहों की जानकारी जारी कर रहा हूं। इसलिए मुझे बेवजह न उकसाएं।

शिवकुमार ने कहा कि अलग-अलग समय पर, उस खास दौर की जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग फैसले लिए गए हैं। हमें यह समझने की जरूरत है। यह सिर्फ यह कहने की बात नहीं है कि ‘मैंने इसे वापस ले लिया, मैंने यू-टर्न ले लिया और बस हो गया।

उन्होंने कहा कि जब आप सत्ता में नहीं होते हैं, तो आपको कई चीजों की जरूरत होती है और आप हर तरह की मांग करते हैं। जब आप सत्ता में होते हैं, तो अगर आप कोई मांग करते हैं, तो आपके लिए सब कुछ हो जाता है। इसीलिए मैंने इसे वापस भेजा है और कहा है कि आइए इस पर चर्चा करें। आइए बातचीत करें।

उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सच में जरूरी प्रोजेक्ट्स पर उचित विचार-विमर्श के बाद काम किया जा सकता है।

राजनीतिक नेताओं से मिलकर काम करने की अपील करते हुए शिवकुमार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सुझावों के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि मैं उनसे सम्मानपूर्वक कह ​​रहा हूं कि हम सभी को साथ आकर मिलकर काम करना चाहिए। अब, आप मुझे एक सुझाव दे रहे हैं। अगर मैं आपका सुझाव मान लेता हूं, तो क्या आप कह सकते हैं कि यह गलत यू-टर्न था? यह सही नहीं है।

–आईएएनए

डीकेएम/पीएम

  • IANS is a prominent private Indian news agency. It provides news services to media organizations.

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