देवघर : देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ तक पहुंच गई थी।
सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर पहुंचे लाखों कांवरियों ने तड़के से ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण देर रात से ही रूटलाइन में लंबी कतार लग गई, जो बाबा मंदिर से होते हुए नंदन पहाड़ तक पहुंच गई। बाबा नगरी हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठी।
अंतिम सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण करने की संभावना है।
सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लंबी दूरी तय कर रूटलाइन में पहुंचे कांवरियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, सूचना एवं सहायता केंद्र और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। वृद्ध, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अर्घा व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तरीके से जलार्पण कराया जा रहा है।
रात से ही मेला क्षेत्र में सक्रिय रहे उपायुक्त
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने रात से ही मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, कुमुदिनी घोष रोड, बरमसिया, सरकार भवन, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, जलसार मोड़ और शिवराम झा चौक समेत प्रमुख स्थानों का जायजा लिया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह लगातार सक्रिय रहें, ताकि बिछड़े लोगों और महिला श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और दवाओं की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया।
कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिए निगरानी
निरीक्षण के बाद उपायुक्त बाबा मंदिर परिसर स्थित केंद्रीय कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां उन्होंने सीसीटीवी के जरिए पूरे मेला क्षेत्र और रूटलाइन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने तैनात दंडाधिकारियों को भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए।
क्यू मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए कतार की गति पर भी नजर रखी गई। अधिकारियों और तकनीकी टीम को निर्देश दिया गया कि किसी भी संवेदनशील स्थान पर भीड़ बढ़ने या कतार धीमी होने की स्थिति में तत्काल ऑन-ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।