रांची। झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए 25 अगस्त से ‘होम टू रोल वेरिफिकेशन’ अभियान शुरू किया जाएगा। 4 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी का सत्यापन करेंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य एक ही परिवार के पात्र मतदाताओं के नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज कराना है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 5 अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची के बाद घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस दौरान बीएलओ यह जांच करेंगे कि घर में रहने वाले सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं या नहीं।
जिन पात्र नागरिकों के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, उनके फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणापत्र जमा किए जाने तथा उसके डिजिटाइजेशन की स्थिति की भी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में तो दर्ज नहीं हैं।
यदि किसी मतदाता का नाम उसके सामान्य निवास से जुड़े मतदान केंद्र के बजाय किसी अन्य मतदान केंद्र की सूची में दर्ज है, तो बीएलओ उसे सही मतदान केंद्र में नाम स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 भरने में सहयोग करेंगे।
दूसरे राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज नाम भी करा सकेंगे स्थानांतरित
के. रवि कुमार ने बताया कि झारखंड में सामान्य रूप से रहने वाले ऐसे मतदाता, जिनका नाम वर्तमान में बिहार, पश्चिम बंगाल या किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है, वे फॉर्म-8 और निर्धारित घोषणापत्र के माध्यम से अपना नाम झारखंड में वर्तमान सामान्य निवास वाले मतदान केंद्र की मतदाता सूची में स्थानांतरित करा सकते हैं।
अभियान के दौरान घरों पर ‘फैमिली टूगेदर’ स्टीकर भी लगाया जाएगा। इसके माध्यम से परिवार के सभी वयस्क और पात्र सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
नए मतदाता फॉर्म-6 से कर सकते हैं आवेदन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर पहुंचने वाले बीएलओ को आवश्यक सहयोग दें और अपने तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम एवं विवरण की जांच करें। नए युवा मतदाता ECIINET के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मतदाता किसी भी सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ECIINET के ‘बुक ए कॉल’ फीचर के जरिए भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।