July 30, 2026
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जमशेदपुर

Jamshedpur News: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में 29 जुलाई को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, वन महोत्सव का होगा समापन

Jamshedpur News: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में 29 जुलाई को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, वन महोत्सव का होगा समापन

जमशेदपुर: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (TSZP) में 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी दिन पार्क में पूरे महीने चले वन महोत्सव अभियान का समापन समारोह भी होगा। कार्यक्रम का आयोजन चिड़ियाघर परिसर स्थित पीफाउल एनक्लोजर के समीप किया जाएगा।

इस अवसर पर जमशेदपुर के प्रभागीय वन पदाधिकारी (DFO) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाघ संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सतत वन प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर वर्ष दुनिया भर में बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। बाघ न केवल भारत की जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका होती है।

कार्यक्रम के दौरान बाघ संरक्षण की आवश्यकता, वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।

यह आयोजन वन महोत्सव के समापन का भी प्रतीक होगा। पूरे महीने पार्क की ओर से वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और प्रकृति शिक्षा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इन अभियानों का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना तथा वनों और जैव विविधता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

समारोह के दौरान आगंतुकों, विद्यार्थियों और इंटर्न्स के लिए जागरूकता गतिविधियां, संवाद सत्र और संरक्षण आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के अधिकारियों ने कहा कि पार्क संरक्षण शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

उनका मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारत की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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