प्रश्नोत्तरी में उत्कृष्ट विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित, गुरु-शिष्य परंपरा का दिया संदेश
मुख्य बिंदु:
- गुरु पूर्णिमा पर विद्यालय में हुआ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
- बच्चों ने कविता, गीत और प्रेरक प्रस्तुतियों से बांधा समां
- प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
गम्हरिया – सरायकेला-खरसावां के जगन्नाथपुर स्थित नव ज्योति विद्या मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वेदव्यास की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इसके बाद, विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं।
बच्चों ने प्रेरक नारे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
वहीं, विद्यार्थियों के गीत ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
विद्यालय की शिक्षिका सुषमा और अर्चना ने गुरु पूर्णिमा का महत्व बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया।
इसके अलावा, विद्यालय के सचिव संजीव श्रीवास्तव ने स्वरचित विद्यालय गीत प्रस्तुत किया।
प्रधानाचार्या अनामिका श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है।
उन्होंने शिक्षकों के सम्मान का संदेश दिया।
वहीं, उन्होंने कहा कि मां बच्चों की पहली गुरु होती हैं।
उन्होंने माता-पिता के सम्मान का भी आह्वान किया।
इसके बाद, कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित हुई।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
काफी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
