August 31, 2026
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जमशेदपुर

Jamshedpur Snake Bite Cases: MGM Hospital में 24 घंटे में कई मरीज भर्ती, परिजन डिब्बे में सांप लेकर पहुंचे

Jamshedpur Snake Bite Cases: MGM Hospital में 24 घंटे में कई मरीज भर्ती, परिजन डिब्बे में सांप लेकर पहुंचे

परिजन बोले- डॉक्टर सांप की पहचान कर लेंगे तो प्रभावी ढंग से हो सकेगा इलाज

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में पिछले 24 घंटे के दौरान सर्पदंश के छह मरीज भर्ती किए गए। इनमें दो मामलों में परिजन मरीज को काटने वाले सांप को भी डिब्बे में बंद कर अस्पताल लेकर पहुंचे, ताकि डॉक्टर उसकी पहचान कर सटीक इलाज शुरू कर सकें।

दोनों मामले चांडिल और आदित्यपुर क्षेत्र से जुड़े हैं। परिजनों का कहना था कि यदि डॉक्टर सांप की सही पहचान कर लेंगे तो इलाज अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि दोनों मामलों में मरीजों को चीती (चित्ती) सांप ने काटा था। यह विषैला सांप माना जाता है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर इसकी स्थिति गंभीर हो सकती है।

फिलहाल दोनों समेत सभी मरीजों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों में राजनगर के पद्मासाई निवासी सोमवारी सरदार (35), गम्हारिया के मुर्गाघुटु निवासी विजय मार्डी (26), मुसाबनी के कदमडीह निवासी बुद्धेश्वर भक्त, चांडिल के पुंड़िसिल्ली निवासी शिव सुर मरांडी (19), बोड़ाम के कुईयानी निवासी रॉबिन पहाड़िया तथा आदित्यपुर निवासी विष्णु महारार (32) शामिल हैं।

ये सभी मरीज 12 और 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग समय पर उपचार के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचे।

बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, जिससे खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले इलाकों और ग्रामीण बस्तियों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेती-किसानी, लकड़ी या घास काटने तथा पानी भरे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

डॉक्टरों की सलाह: झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल जाएं

चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश होने पर किसी भी तरह के झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को शांत रखें, प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचाएं और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें, जहां एंटी-स्नेक वेनम (ASV) सहित आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध हो सके।

विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि बरसात के दिनों में जमीन पर सोने से बचें, रात में टॉर्च का उपयोग करें और घर के आसपास झाड़ियों व कचरे की नियमित सफाई रखें, ताकि सर्पदंश की घटनाओं से बचा जा सके।

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