जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (Double Down) बार के बाहर करनी सेना युवा मोर्चा के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जिला प्रशासन ने बार के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर बार का अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही बार को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।
इस संबंध में धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अर्णव मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बिष्टुपुर स्थित ओम टावर में संचालित डबल डाउन बार का NOC अगले आदेश तक निलंबित रहेगा।
आदेश की प्रति पूर्वी सिंहभूम के सहायक आयुक्त (उत्पाद) को भी भेजी गई है, ताकि नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बनी कार्रवाई का आधार
प्रशासन के अनुसार, 27 जून को बार के बाहर हुई हत्या की घटना और बिष्टुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान यह सामने आया कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में गंभीर चूक हुई थी। इन तथ्यों के आधार पर वर्ष 2017 में बार संचालक नीरज सिंह को जारी NOC को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
हिमांशु सिंह की हत्या के बाद शहर में व्यापक आक्रोश देखने को मिला है। कई सामाजिक संगठनों और विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
देर रात आयोजित DJ पार्टियां भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या वाली रात बार के भीतर “जून बीट बैश” के तहत “टेट्रिक्स (Tetrix)” नामक व्यावसायिक DJ कार्यक्रम चल रहा था। जांच में मिले प्रचार सामग्री से पता चला कि जून महीने में बार में लगातार कई DJ नाइट्स आयोजित की गई थीं।
इन कार्यक्रमों में 6 जून को DJ पूजा, 13 जून को DJ तमन्ना, 17 जून को टेट्रिक्स, 20 जून को अंगिता और 27 जून को फिर टेट्रिक्स का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। 28 जून को प्रस्तावित G-Root का कार्यक्रम हत्या की घटना के बाद रद्द कर दिया गया।
DJ इवेंट की अनुमति और लाइसेंस की हो रही जांच
पूर्वी सिंहभूम उत्पाद विभाग और जिला पुलिस संयुक्त रूप से यह जांच कर रहे हैं कि बार प्रबंधन ने व्यावसायिक DJ कार्यक्रम आयोजित करने और देर रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सरकारी अनुमति ली थी या नहीं।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि बार ने लाइसेंस की शर्तों और संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया था या उनका उल्लंघन किया गया। जांच पूरी होने के बाद बार प्रबंधन के खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।