युवा जनशक्ति मोर्चा ने नगर निगम के खिलाफ किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
उपनगर आयुक्त पारुल सिंह ने शाखा के प्रभार से मुक्त किए जाने का किया अनुरोध
एक शिकायतकर्ता ने लगाया आरोप, प्रमाण पत्र के एवज में मांगी 4 हजार रुपये रिश्वत
सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर रिश्वत मांगने के आरोप के बाद घमासान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा को लेकर विवाद गहरा गया है।
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोपों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं शिकायत सामने आने और विरोध प्रदर्शन के बाद शाखा की जिम्मेदारी संभाल रहीं उपनगर आयुक्त पारुल सिंह ने स्वयं इस शाखा के प्रभार से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने नगर निगम को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उसकी दादी के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए निगम कर्मी रविंद्र राम ने 4 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत में कहा गया है कि कथित तौर पर 2 हजार रुपये एफिडेविट तैयार कराने वाले व्यक्ति को देने तथा शेष 2 हजार रुपये स्वयं रखने की बात कही गई थी।
मामले के प्रकाश में आने के बाद युवा जनशक्ति मोर्चा ने नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उपनगर आयुक्त पारुल सिंह का एक पत्र भी सामने आया, जिसमें उन्होंने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था और संबंधित फाइल जांच के लिए अग्रसारित कर दी गई थी, लेकिन मामले में अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
इस बीच निगम के अंदरूनी हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि मामला अब केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच अधिकार क्षेत्र और प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा बन गया है। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज केवल शिकायत और प्रशासनिक पत्राचार की पुष्टि करते हैं। रिश्वत मांगने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आरोपित कर्मी का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब लोगों की निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं। निगम कार्यालय पर पहले भी रिश्वत मांगने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन ताजा मामले को लेकर घमासान की स्थिति है।
