देवघर : देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 अंतिम चरण में पहुंच गया है। 24 अगस्त को अंतिम सोमवारी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुगम दर्शन की व्यवस्था पुख्ता कर दी हैं। 22 अगस्त तक करीब 55 लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं।
इनमें लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम् की सुविधा का लाभ उठाया। वहीं, दुमका स्थित बाबा बासुकीनाथ मंदिर में भी करीब 25 लाख कांवरियों ने पूजा-अर्चना कर जलार्पण किया है।
शीघ्र दर्शनम् से मंदिर प्रशासन को 7.20 करोड़ की आय
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शीघ्र दर्शनम् के लिए अब तक 2 लाख से अधिक कूपन जारी किए गए हैं। प्रत्येक कूपन की निर्धारित राशि के आधार पर कुल संग्रह करीब 12 करोड़ रुपये रहा। इसमें मंदिर प्रशासन के हिस्से के रूप में 60 प्रतिशत राशि यानी करीब 7.20 करोड़ रुपये की आय हुई है।
अगले साल दो हेलीकॉप्टर की योजना
देवघर के उपायुक्त ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर की हवाई परिक्रमा के लिए अगले वर्ष दो हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा को श्रद्धालुओं से अच्छा रिस्पांस मिला है।
अंतिम सोमवारी से पहले कांवरियों की भारी भीड़
श्रावणी मेले के 25वें दिन रविवार को भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली। सुबह 4:11 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जिसके बाद जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर देवघर पहुंच रहे कांवरियों में उत्साह बना हुआ है।
भोर होते ही पूरा रूट लाइन गेरुआ वस्त्रधारी कांवरियों से भर गया। कतार में खड़े श्रद्धालु लगातार बाबा बैद्यनाथ के जयकारे लगाते नजर आए। इससे पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रशासन रूट लाइन पर लगातार निगरानी कर रहा है। कांवरियों की सुरक्षा के साथ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।