रांची/नई दिल्ली: कभी आर्थिक तंगी के बीच झोपड़ी में रहने वाले मनोज डे आज देश के चर्चित यूट्यूबर्स में शामिल हैं। सीमित संसाधनों से YouTube की शुरुआत करने वाले मनोज डे ने लगातार मेहनत और कई असफलताओं के बाद डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
आज उनके पास कई गाड़ियां हैं, जिनमें करीब ₹80 लाख की Mercedes-Benz SUV भी शामिल बताई जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कमाई और संपत्ति भी करोड़ों में पहुंच चुकी है। वे न केवल युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं बल्कि अपना और झारखंड का नाम रौशन कर रहे हैं।
मनोज डे का YouTube चैनल आज बड़े हिंदी टेक और डिजिटल क्रिएटर चैनलों में गिना जाता है। उनके चैनल पर करीब 7.78 मिलियन यानी 77.8 लाख सब्सक्राइबर हैं।
वहीं Instagram पर उन्हें करीब 20 लाख लोग फॉलो करते हैं। हालांकि, उनकी सफलता इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बेहद सामान्य और आर्थिक रूप से संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से निकलकर यह मुकाम हासिल किया।
झारखंड के साधारण परिवार से ताल्लुक

मनोज डे झारखंड से आते हैं। उनका बचपन आर्थिक परेशानियों में बीता। उनके पिता गांव में साइकिल का पंचर बनाने का काम करते थे और करीब 200-250 रुपये की दैनिक कमाई से परिवार का खर्च चलाते थे। परिवार में छह सदस्य थे और सभी का पालन-पोषण सीमित आमदनी में होता था।
मनोज का परिवार झोपड़ी में रहता था। उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद उन्होंने गुजरात की एक फैक्ट्री में भी काम किया, लेकिन कुछ समय बाद गांव वापस लौट आए। यहीं से उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया और उन्होंने YouTube को करियर के तौर पर आजमाने का फैसला किया।
सीमित संसाधन के बावजूद हार नहीं मानी
YouTube की शुरुआत मनोज डे के लिए आसान नहीं थी। उनके पास महंगे कैमरे, बेहतर स्टूडियो या बड़ी टीम जैसी सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद उन्होंने उपलब्ध संसाधनों से वीडियो बनाना शुरू किया।
वीडियो एडिटिंग सीखने के लिए उन्होंने मुफ्त टूल्स का सहारा लिया। शुरुआत में वीडियो पर बहुत कम व्यूज आते थे और कमाई भी नहीं के बराबर थी। इसके बावजूद उन्होंने कंटेंट बनाना जारी रखा। धीरे-धीरे उन्हें यह समझ आने लगा कि दर्शक किस तरह के कंटेंट को पसंद कर रहे हैं और उन्होंने उसी के मुताबिक अपनी रणनीति में बदलाव किया।
तीन YouTube चैनल हुए असफल
मनोज डे की सफलता के पीछे कई असफलताएं भी छिपी हैं। उनका दावा है कि सफलता मिलने से पहले उनके तीन YouTube चैनल असफल हो चुके थे।
एक चैनल पर वह गानों से जुड़े वीडियो पोस्ट करते थे, जबकि दूसरे पर कॉमेडी कंटेंट बनाया जाता था। उनका तीसरा चैनल टेक्नोलॉजी से जुड़ा था और वह अच्छा प्रदर्शन भी कर रहा था। हालांकि, बाद में उसका AdSense बंद हो गया और विज्ञापन से होने वाली कमाई रुक गई।
इन झटकों के बावजूद मनोज ने YouTube छोड़ने का फैसला नहीं किया। उन्होंने अपनी कंटेंट रणनीति बदली और लगातार नए प्रयोग करते रहे। समय के साथ उनके वीडियो को दर्शक मिलने लगे और चैनल तेजी से आगे बढ़ने लगा।
YouTube से बदली आर्थिक स्थिति

YouTube पर सफलता मिलने के बाद मनोज डे ने अपने काम के लिए बेहतर उपकरणों और स्टूडियो पर निवेश किया। वह अब कई चैनलों के जरिए कंटेंट तैयार करते हैं और उनकी डिजिटल मौजूदगी भी काफी मजबूत हो चुकी है।
पिछले साल प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी मासिक कमाई करीब ₹10 लाख और नेटवर्थ करीब ₹8 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, ये आंकड़े आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हैं। YouTubers की कमाई विज्ञापन, ब्रांड प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और अन्य स्रोतों के कारण महीने-दर-महीने बदल सकती है।
आज मनोज डे के पास कई गाड़ियां हैं और करीब ₹80 लाख की Mercedes-Benz SUV भी उनकी लग्जरी कारों में शामिल बताई जाती है। उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि सीमित संसाधनों से शुरुआत करने के बावजूद लगातार मेहनत, सीखने की क्षमता और सही रणनीति के दम पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।