कुणाल षाड़ंगी ने कहा, मांगें नहीं मानीं तो सड़क पर उतरेगा झामुमो
मुख्य बिंदु:
- झामुमो ने नए खनन-खनिज कानून का विरोध किया
- कुणाल षाड़ंगी ने 14,656 करोड़ के नुकसान का दावा किया
- मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी दी
जमशेदपुर – झामुमो ने नए खनन-खनिज कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रविवार को सर्किट हाउस में पार्टी ने संवाददाता सम्मेलन किया।
इस दौरान केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने विरोध जताया।
हालांकि, उन्होंने नए कानून से राज्य को नुकसान बताया।
उनके अनुसार झारखंड को 14,656 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
इसके अलावा, उन्होंने जनकल्याण योजनाओं पर असर की बात कही।
मंईयां सम्मान योजना प्रभावित होने की आशंका जताई।
वहीं, बुजुर्गों की पेंशन पर भी असर बताया गया।
उधर, कुणाल षाड़ंगी ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र को पत्र भेजा है।
पत्र में राज्य की आपत्तियां दर्ज कराने की बात कही गई।
इसके अलावा, झामुमो ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप मांगा है।
पार्टी ने झारखंड के हितों की रक्षा की मांग की।
हालांकि, झामुमो ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
कुणाल षाड़ंगी ने केंद्र को गंभीरता से विचार करने कहा।
वहीं, मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी सड़क पर उतरेगी।
उन्होंने निर्णायक संघर्ष की चेतावनी भी दी।
इसके बाद उन्होंने खनन को लेकर कड़ा रुख जताया।
उन्होंने कहा कि खनन सामग्री बाहर नहीं जाने दी जाएगी।
उधर, उन्होंने इसे झारखंड के अधिकारों की लड़ाई बताया।
