जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका और सहायिका के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले पूरी करने का निर्देश उपायुक्त ने दिया है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का हस्तांतरण जल्द सुनिश्चित करने के लिए कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं जल्द पूरी करने पर जोर
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्षा जल संचयन से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने को कहा। इसके अलावा जिन केंद्रों में अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है, वहां कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को दिया गया।
उन्होंने पोषण ट्रैकर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रतिदिन खुलने, बच्चों की उपस्थिति और गर्म पका भोजन वितरण की ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा। महिला पर्यवेक्षिकाओं को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई।
मातृ वंदना योजना में शत-प्रतिशत पंजीकरण का निर्देश
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने और उन्हें योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं से इस दिशा में सक्रियता से काम करने को कहा।
बैठक में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीकरण और आधार में आवश्यक अद्यतन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए बच्चों को आधार शिविर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए तय समय-सीमा में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं मौजूद रहीं।