August 11, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
झारखंड

Chaibasa Naxal Surrender: 10 लाख के इनामी सलुका कायम समेत 4 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, AK-47 और INSAS बरामद

Chaibasa Naxal Surrender: 10 लाख के इनामी सलुका कायम समेत 4 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, AK-47 और INSAS बरामद

चाईबासा। कोल्हान के पोड़ाहाट और सारंडा इलाके में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सलुका कायम समेत चार सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।

आत्मसमर्पण करने वालों में एक लाख रुपये का इनामी कोदोमुनी कोड़ा, पिंकी पूर्ति और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में सक्रिय अनिता तामसोय भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार और अन्य सामान भी जमा किए गए। पुलिस के अनुसार इनके पास से एके-47, इंसास राइफल, वायरलेस सेट, मैगजीन और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्टोपा ने चार नक्सलियों के आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं।

जिन नक्सलियों ने अभी तक हथियार नहीं छोड़े हैं, वे भी सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर हिंसा का रास्ता छोड़ें और समाज की मुख्यधारा में वापस लौटें।

डीआईजी ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में नक्सलवाद की दोबारा जड़ें मजबूत न हों, इसके लिए केवल सुरक्षा अभियान ही पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना और दूरदराज के इलाकों में विकास कार्यों को गति देना भी बेहद जरूरी है।

सुरक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।

वहीं सीआरपीएफ के डीआईजी ने नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

अब कोल्हान में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ विकास कार्यों पर भी विशेष जोर देने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में अब नक्सलियों की संख्या काफी कम रह गई है। उनके अनुसार क्षेत्र में करीब पांच से छह नक्सली ही सक्रिय रूप से बचे हैं।

एसपी ने बचे हुए नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नक्सली हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ते हैं तो सुरक्षा बल उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।

अधिकारियों के अनुसार असीम मंडल का दस्ता फिलहाल सुरक्षा बलों के निशाने पर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल जंगल और सीमावर्ती इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि पिछले एक वर्ष के दौरान कोल्हान क्षेत्र में बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मारे जाने के कारण नक्सली संगठन की पकड़ काफी कमजोर हुई है।

लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से संगठन के प्रभाव वाले इलाकों में सुरक्षा बलों का दबदबा बढ़ा है और ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में भी तेजी आई है।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading