जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में शनिवार सुबह डॉक्टर से मिलने को लेकर हुए विवाद के बाद मरीज के परिजनों और सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों के बीच मारपीट हो गई। घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में करीब एक घंटे तक धरना और हंगामा किया। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे लेबर रूम के बाहर यह विवाद शुरू हुआ। भुईयांडीह लकड़ी टाल निवासी मनीष शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी भांजी काजल कुमारी का 20 जुलाई को एमजीएम अस्पताल में सिजेरियन प्रसव हुआ था।
इसके बाद 28 जुलाई को संक्रमण और टांके वाली जगह से मवाद निकलने पर वह दामाद मिथिलेश कुमार के साथ डॉक्टर से मिलने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि होमगार्ड जवानों ने डॉक्टर से मिलने से रोका।
वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने का आरोप लगाकर उनका मोबाइल पटक दिया गया। पुराने वीडियो भी हटा दिए गए। इसके बाद दोनों की लाठियों से पिटाई की गई।
इसके बाद मनीष शर्मा ने भाजपा नेता एवं विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव को सूचना दी। गुंजन यादव अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
वहीं गुंजन यादव ने आरोप लगाया कि 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने दोनों लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि किसी जवान की नेम प्लेट नहीं लगी थी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
उधर सूचना मिलने पर पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार और एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
दूसरी ओर होमगार्ड जवानों ने अलग आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार मिथिलेश कुमार और उसके परिजन पिछले चार दिनों से डॉक्टरों और नर्सों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर विवाद कर रहे थे।
इसी बीच शनिवार को मनीष शर्मा कथित रूप से लेबर रूम में वीडियो बना रहे थे। पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
वहीं होमगार्ड का आरोप है कि दोनों लोगों ने महिला जवानों से अभद्रता की। धक्का-मुक्की की गई। सूचना मिलने पर पहुंचे पुरुष जवानों के साथ भी हाथापाई हुई। उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई।
इसके बाद गायनिक विभाग की चिकित्सक डॉ. ऊषा कुमारी ने परिजनों को बताया कि मरीज काजल कुमारी के टांके में संक्रमण हुआ है। हालांकि इलाज नियमित चल रहा है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
वहीं डॉ. ऊषा ने बताया कि उन्होंने स्वयं ड्रेसिंग की है। अगली ड्रेसिंग सोमवार को निर्धारित है। मरीज को स्लाइन भी दी जा रही है।
दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार नकारात्मक बातें होने से मरीज मानसिक रूप से प्रभावित हुई है। उनकी इम्युनिटी कमजोर होने के कारण संक्रमण की स्थिति बनी।
इसके बाद मनीष शर्मा ने एमजीएम थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उनकी इंज्यूरी रिपोर्ट भी तैयार की गई है।
वहीं होमगार्ड जवानों ने भी अपनी इंज्यूरी रिपोर्ट के साथ लिखित शिकायत दी है। पुलिस दोनों पक्षों के आवेदन की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।