- 3,200 से अधिक यूजी एवं पीजी छात्राओं को प्रदान की जाएगी डिग्री।
- 55 मेधावी छात्राओं को गोल्ड मेडल से किया जाएगा सम्मानित
जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह आगामी 8 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस अवसर पर स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी), व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और पीएचडी की छात्राओं को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समारोह में यूजी की 1,286 तथा पीजी की लगभग 2,000 छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अलावा सत्र 2025-26 के पीएचडी शोधार्थियों को भी उपाधि दी जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन इस समारोह को भव्य, गरिमामय और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न समितियों के माध्यम से तैयारियों में जुटा हुआ है।
दीक्षांत समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 55 छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाना होगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. इला कुमार, शिक्षक, गणमान्य अतिथि, छात्राएं और उनके अभिभावकों की उपस्थिति रहेगी।
संभावना है कि झारखंड के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रह्मण्यन ने बताया कि समारोह में सत्र 2025-26 के पीएचडी उपाधिधारकों के अलावा रिसर्च के साथ ऑनर्स करने वाली बीए, बीएससी और बीकॉम की छात्राओं को भी डिग्री दी जाएगी।
वहीं यूजी वोकेशनल पाठ्यक्रमों में मास कम्युनिकेशन, बायोटेक्नोलॉजी, क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स (सीएनडी), बीबीए और बीसीए की छात्राएं भी उपाधि प्राप्त करेंगी।
स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के तहत सत्र 2025-26 की एमए, एमएससी, एमबीए और एमएलआईएससी की छात्राओं को भी डिग्री प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा सत्र 2024-25 के बीएड और बीपीएड उत्तीर्ण विद्यार्थियों को भी उपाधियां दी जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दीक्षांत समारोह छात्राओं के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जहां उनकी उपलब्धियों का सम्मान करते हुए उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया जाएगा।
नए शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम
जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में शनिवार को नए शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति डॉ. इला कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में चार वर्षीय स्नातक सत्र 2026-30, यूजी वोकेशनल सत्र 2026-29, एक वर्षीय स्नातकोत्तर सत्र 2026-27, पीजी वोकेशनल सत्र 2026-28 तथा बीटेक सत्र 2026-30 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम मानविकी, सोशल साइंस, कॉमर्स तथा विभिन्न व्यावसायिक विभागों में अलग-अलग आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत लागू नए पाठ्यक्रम, क्रेडिट सिस्टम, अकादमिक नियमों और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छात्राओं को अपार (APAAR) आईडी के महत्व, उसके उपयोग और पंजीकरण प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। शिक्षकों ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनकी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान करना है। विश्वविद्यालय परिसर में इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह है।