मुसाबनी कैंप में तैनात जवान ने एमजीएम अस्पताल में तोड़ा दम
- मुख्य बिंदु:
- मुसाबनी सीआरपीएफ कैंप के जवान की ब्रेन मलेरिया से मौत
- एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान हुई जवान की मौत
- कोल्हान में बढ़ते मलेरिया मामलों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
जमशेदपुर – पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की ब्रेन मलेरिया से मौत के बाद कोल्हान क्षेत्र में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को लेकर चिंता और गहरा गई है।
पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
इसके बाद, उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
हालांकि, हालत गंभीर होने पर उन्हें एमजीएम अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में जांच के दौरान चिकित्सकों ने ब्रेन मलेरिया की पुष्टि की।
इसके बाद, डॉक्टरों ने लगातार उनका उपचार किया।
हालांकि, संक्रमण तेजी से बढ़ता गया।
बुधवार को इलाज के दौरान जवान ने अंतिम सांस ली।
अस्पताल प्रशासन ने सभी आवश्यक चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं।
इसके बाद, जवान का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही मुसाबनी सीआरपीएफ कैंप में शोक छा गया।
साथी जवानों ने पिंटू कुमार को श्रद्धांजलि दी।
इसके अलावा, उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे कोल्हान में मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाल्सीपेरम संक्रमण भी बढ़ रहा है।
हालांकि, यही संक्रमण गंभीर होकर ब्रेन मलेरिया बन सकता है।
चिकित्सकों ने समय पर जांच कराने की सलाह दी है।
वहीं, तेज बुखार, बेहोशी और दौरे जैसे लक्षणों को गंभीर बताया गया है।
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में जांच अभियान तेज कर रहा है।
फॉगिंग और दवा वितरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।

