चाकुलिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड की जमुआ पंचायत अंतर्गत हिरनिया जंगल में सोमवार को पारंपरिक सेंदरा पर्व की शुरुआत हुई। वन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद राजा बाजाबासा जंगल में शिकार के लिए सेंदरा वीर रवाना हुए। परंपरा के अनुसार पुजारी पुतु सबर ने विधि-विधान से पूजा संपन्न करायी।
इसके बाद सिंग बाजा बजाकर सेंदरा वीरों को जंगल में प्रवेश का संकेत दिया गया। पारंपरिक हथियारों से लैस सेंदरा वीर उत्साह के साथ जंगल की ओर रवाना हुए।
कार्यक्रम के तहत सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक ‘ञिंदा सिंगराई’ का आयोजन किया जाएगा। वहीं 26 मई की सुबह नौ बजे से दंगेड़ नाच आयोजित होगा। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से सिंञ साथ विशेष कार्यक्रम में झाड़ग्राम और ओडिशा से आई सिंञ सिंगराई मंडलियों द्वारा पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
इस अवसर पर बामनडीह के माझी बाबा राम चंद्र हांसदा, हरिनिया के माझी बाबा फागु नाथ हांसदा, बुआंगडीह के माझी बाबा फातु मांडी, डोमन मांडी, सुनाराम सोरेन, काशुनाथ हांसदा, कुनाराम हेम्ब्रम, सालखु हांसदा, सोनाराम मुर्मू समेत कई ग्रामीण और माझी बाबा मौजूद रहे।

